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पत्रकार राजदेव हत्याकांड: CBI कोर्ट ने शहाबुद्दीन समेत 7 लोगों पर किए आरोप तय

सीबीआई कोर्ट ने पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में शहाबुद्दीन समेत सात लोगों के ख़िलाफ़ आरोप तय किए हैं.

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पत्रकार राजदेव हत्याकांड: CBI कोर्ट ने शहाबुद्दीन समेत 7 लोगों पर किए आरोप तय

शहाबुद्दीन तिहाड़ जेल में बंद हैं और वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा उनकी सीबीआई कोर्ट में पेशी हुई (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. सीवान में 13 मई, 2016 को पत्रकार राजदेव की हत्या हुई थी
  2. राजदेव रंजन सीवान में एक दैनिक अख़बार के ब्यरो चीफ थे
  3. इस मामले में पहले एक बार मिल चुकी है शहाबुद्दीन को जमानत
मुजफ्फरपुर: राजद के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को एक और मामले में झटका लगा हैं. पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में शहाबुद्दीन समेत सात लोगों के ख़िलाफ़ आरोप तय हुए हैं. ये आरोप मुजफ़्फ़रपुर स्थित सीबीआई की विशेष कोर्ट में तय हुआ. शहाबुद्दीन फ़िलहाल दिल्ली के तिहार जेल में बन्द हैं.

पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में सुनवाई करते हुए शुक्रवार को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने शहाबुद्दीन समेत सात आरोपियों पर संज्ञान लिया. अन्य छह आरोपियों में विजय कुमार गुप्ता, रोहित कुमार सोनी, राजेश कुमार, विशु कुमार जायसवाल, सोनू कुमार गुप्ता एवं अजरुद्दीन बैग शामिल हैं. सीबीआई ने इन सभी पर 22 अगस्त को चार्जशीट दाखिल की थी. इस आधार पर शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट के विशेष मजिस्ट्रेट अनुपम कुमारी ने सभी पर संज्ञान लिया. संज्ञान के दौरान पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट के समक्ष पेश हुए.

पढ़ें: जानिए लालू यादव ने अपने एक बयान से शहाबुद्दीन की दलीलों की कैसे निकाली हवा?

बता दें कि सीवान जिले में 13 मई, 2016 को पत्रकार राजदेव रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. राजदेव रंजन सीवान में एक दैनिक अख़बार के ब्यरो चीफ थे. शहर के बीचोंबीच अपने कार्यालय के रास्ते में अपराधियों ने इनकी हत्या कर दी थी. इनकी हत्या के बाद शहर से लेकर पूरे देश में काफी हंगामा मचा था.

VIDEO: बिहार, झारखंड में दो पत्रकारों की हत्या
परिजनों ने इस हत्याकांड की जांच सीबीआई से करने की मांग की थी. हालांकि बिहार पुलिस की विशेष जाँच टीम (एसआईटी) की जांच में इस हत्याकांड में शहाबुद्दीन के शामिल होने की बात सामने आई थी. इसके बाद यह जांच सीबीआई को सौंपी गई. सीबीआई ने इस साल 26 मई को शाहबुद्दीन का नाम इस केस में शामिल किया था. 

बता दें कि बिहार में उस समय महागठबंधन की सरकार थी और कई अन्य केसों में पुख्ता सबूत नहीं मिलने के कारण राजद सांसद शहाबुद्दीन जमानत पर जेल से रिहा किए गए थे. बाद में नीतीश सरकार इस केस को सुप्रीम कोर्ट लेकर गई और एक बार फिर शहाबुद्दीन को जेल जाना पड़ा. 
 


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