NDTV Khabar

कांग्रेस लालू के समर्थन में आयी, नीतीश कुमार की पार्टी अब भी चुप

लालू से मुलाकात के बाद बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि यह लालू जी से उनकी व्यक्तिगत मुलाकात थी न कि राजनीतिक.

2.3K Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
कांग्रेस लालू के समर्थन में आयी, नीतीश कुमार की पार्टी अब भी चुप

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. अशोक चौधरी ने कहा कि यह लालू से उनकी व्यक्तिगत मुलाकात थी
  2. चौधरी ने सीबीआई की छापेमारी को लेकर अमित शाह पर निशाना साधा
  3. मामले पर नीतीश और उनकी पार्टी जदयू द्वारा चुप्पी तोड़ा जाना अभी बाकी है
पटना: सीबीआई छापेमारी से परेशान राजद प्रमुख लालू प्रसाद के प्रति एकजुटता प्रदशर्ति करने के लिए बिहार की महागठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस के नेताओं ने शनिवार को लालू के आवास जाकर उनसे मुलाकात की लेकिन जदयू अभी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है. राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों की साझा उम्मीदवार मीरा कुमार को पड़ोसी राज्य झारखंड रवाना करने के बाद बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी और बिहार विधानसभा में पार्टी विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने दस सकुर्लर रोड स्थित लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी के आवास जाकर लालू से मुलाकात की. कांग्रेस के इन नेताओं के साथ तत्कालीन बिहार सरकार में कांग्रेस से मंत्री रहे अवधेश कुमार सिंह और मदन मोहन झा भी उपस्थित थे. लालू से मुलाकात के बाद चौधरी ने कहा कि यह लालू जी से उनकी व्यक्तिगत मुलाकात थी न कि राजनीतिक.

उन्होंने हालांकि लालू प्रसाद और उनके परिवार के 12 ठिकानों पर शुक्रवार को सीबीआई द्वारा की गयी छापेमारी को लेकर भाजपा पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि जब वे जनादेश के जरिए हमें परास्त करने में विफल रहे तो अब हमें निशाना बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का उपयोग कर रहे हैं. चौधरी बिहार की महागठबंधन सरकार में शिक्षा मंत्री भी हैं.

लालू से मुलाकात करने से पूर्व उन्होंने अपनी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजद प्रमुख के छोटे पुत्र और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बचाव में अपनी कल की बात को ही दोहराया और कहा कि पुरी स्थित आईआरसीटीसी के दो होटलों का लाईसेंस निर्गत किए जाने के समय वे किशोर थे. उन्होंने इस छापेमारी को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री पर प्रहार किया.

लालू के आवास पर सीबीआई की छापेमारी को लेकर बिहार की महागठबंधन सरकार (जदयू-राजद-कांग्रेस) के मुखिया नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जदयू द्वारा चुप्पी तोड़ा जाना अभी बाकी है लेकिन प्रदेश की महागठबंधन सरकार की ओर इसबारे में जारी एक विज्ञप्ति में लालू प्रसाद के आवास पर उक्त छापेमारी की राज्य सरकार को पहले से जानकारी होने की बात को बेबुनियाद बताया गया है. बिहार के जनसंपर्क विभाग की ओर से शनिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुछ समाचार पत्रों में यह समाचार छपा है कि सीबीआई द्वारा लालू प्रसाद एवं उनके परिवार के सदस्यों के ठिकानों पर की जाने वाली छापामारी की जानकारी कतिपय सूत्रों द्वारा गत 06 जुलाई को रात्रि में ही बिहार सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारियों यथा बिहार के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को दे दी गयी थी.

सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि उपरोक्त खबर बिल्‍कुल बेबुनियाद है. इस संबंध में जानकारी सीबीआई द्वारा छापामारी शुरू हो जाने के पश्चात शुक्रवार को लगभग 0730 बजे फोन पर बिहार के पुलिस महानिदेशक को दी गयी जिसके पश्चात विधिव्यवस्था के दृष्टिकोण से एहतियाती प्रबंध कराये गये. नीतीश फिलहाल स्वास्थ्य कारणों से गत गुरुवार से नालंदा जिला के राजगीर गए हुए हैं. वहां से प्राप्त एक रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री ने शनिवार को राजगीर में पयर्टक स्थल घोड़ा कटोरा का भ्रमण किया पर वहां मीडिया को जाने की अनुमति नहीं थी. इस बाबत जदयू के प्रदेश प्रवक्ताओं संजय सिंह और नीरज सिंह से संपर्क किए जाने पर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement