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कांग्रेस नेतृत्व करोड़ों के घोटाले में जमानत पर है, उसे दूसरों पर झूठे आरोप लगाने से बचना चाहिए: सुशील मोदी

सुशील मोदी ने खुलकर जय शाह का समर्थन करते हुए कहा कि जय शाह की कंपनी पर कांग्रेस का आरोप बेबुनियाद हैं.

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कांग्रेस नेतृत्व करोड़ों के घोटाले में जमानत पर है, उसे दूसरों पर झूठे आरोप लगाने से बचना चाहिए: सुशील मोदी

सुशील मोदी ने अमित शाह के बेटे का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस खुद आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी है (फाइल फोटो)

इन दिनों भाजपा नेताओं में होड़ लगी हैं अपने अध्यक्ष अमित शाह और उनके बेटे जय शाह के समर्थन में बयान देने की. बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी भला कहां पीछे रहने वाले थे. सुशील मोदी ने खुलकर जय शाह का समर्थन करते हुए कहा कि जय शाह की कंपनी पर कांग्रेस का आरोप बेबुनियाद हैं. उन्होंने कहा कि एक वेबसाइट में प्रकाशित मनगठंत खबरों के आधार पर कांग्रेस ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कम्पनी ‘टेंपल इंटरप्राइजेज’ पर वित्तीय अनियमितताओं का झूठा, बेबुनियाद और तथ्यहीन आरोप लगाया है.  

मोदी ने कांग्रेस से सवाल किया कि घोटालों का रिकॉर्ड बनाने वाली कांग्रेस के नेतृत्व को बताना चाहिए कि क्या वैध और पारदर्शी तरीके से व्यापार करना गुनाह है?  क्या आधारहीन आरोप के जरिए चरित्रहनन कर कांग्रेस अपने गुनाहों से पीछा छुड़ाना चाहती है?  

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सुशील मोदी यहीं नहीं रुके, उन्होंने मीडिया को भी अपना निशाना बनाते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की छवि को खराब करने के लिए वेबसाइट ‘द वायर’ में प्रकाशित रिपोर्ट में शरारतपूर्ण तरीके से अमित शाह के नाम का उल्लेख किया गया है. खुद मानहानि के मुक़दमे झेलने वाले उपमुख्यमंत्री ने द वायर के ख़िलाफ़ मुक़दमे का स्वागत करते हुए कहा कि सनसनी फैलाने के लिए जय शाह की कंपनी का मुनाफा कई हजार गुना बढ़ने की बात कही गई है. इसलिए तथ्यहीन आरोप पर वेबसाइट के खिलाफ 100 करोड़ की मानहानि के मुकदमे के साथ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि जय का कारोबार पूरी तरह से वैध और पारदर्शी है.

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VIDEO: अमित शाह के बेटे जय शाह पर सवाल
मोदी ने दावा किया कि एनएफबीसी और सहकारी बैंक से कानून के तहत कर्ज लिए गए तथा ब्याज सहित समय पर चेक के जरिए उसे लौटाया गया. कर्ज के लिए उन्होंने अपनी पारिवारिक सम्पति को बैंक के पास गिरवी रखा. जब किसी तथ्य को छुपाया ही नहीं गया है और व्यवसाय कानूनी मापदंडों पर पूरी तरह से खरा है तो फिर अनियमितता कैसे हो गई.

आख़िर में उन्होंने कांग्रिस पार्टी को ये सलाह भी दे डाली कि जिस कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व 5 हजार करोड़ के घोटाले के मामले में जमानत पर है, जस्टिस ढींगड़ा आयोग की रिपोर्ट में राबर्ट वाड्रा का भूमि घोटाला उजागर हो चुका है, उसे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर आधारहीन और झूठे आरोप लगाने से बचना चाहिए.
 


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