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शरद यादव की राज्यसभा सदस्यता की उल्टी गिनती शुरू

नीतीश  कुमार की अध्यक्षता वाली पार्टी ने जो  उनकी सदस्यता रद करने की याचिका राज्यसभा में दी है उसपर सुनवाई और फैसला जल्द आएगा.

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शरद यादव की राज्यसभा सदस्यता की उल्टी  गिनती शुरू

जेडीयू नेता शरद यादव.

पटना: जनता दल के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव  की असली जनता दल का दवा वाली याचिका चुनाव आयोग ने ख़ारिज कर दी है. ये शरद यादव और उनके एक और सहयोगी सांसद , अली अनवर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा हैं. चुनाव आयोग के मंगलवार के फैसले के बाद ये तय है कि नीतीश  कुमार की अध्यक्षता वाली पार्टी ने जो  उनकी सदस्यता रद करने की याचिका राज्यसभा में दी है उसपर सुनवाई और फैसला जल्द आएगा.

चुनाव आयोग ने मंगलवार को दिए फैसले में साफ़ कहा है कि 25 अगस्त को आयोग में दी गई याचिका में शरद यादव ने असली जनता दल यूनाइटेड होने का दावा किया था लेकिन उसके समर्थन में कोई दस्तावेज नहीं दिए.  इसकी जगह ये कह कर समय माँगा गया कि असली जनता दल यूनाइटेड होने के लिए सबूत और दस्तावेज अभी जुटाए जा रहे हैं.  लेकिन इस आवेदन पर शरद यादव के हस्ताक्षर भी नहीं हैं.  इसलिए चुनाव आयोग ने उनके आवेदन का संज्ञान भी नहीं लिया है.  इसके पहले जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेतओं  ने शनिवार को चुनाव आयोग के सामने वो सारे दस्तावेज दिए थे जिसमे पार्टी के बिहार के सभी विधायकों दो लोकसभा सांसदों , सात राज्यसभा सांसदों और परिषद के अधिकांश सदस्यों  के समर्थन के कागजात शपथपत्र के साथ दिया गया था.  

यह भी पढ़ें : जनता दल यूनाइटेड पार्टी और चिह्न की लड़ाई जीते नीतीश कुमार, शरद यादव की अपील तकनीकि कारणों से खारिज

दरअसल नीतीश कुमार की तरफ से शरद यादव और अली अनवर की सदस्यता रद करने की जो याचिका राज्य सभा के चेयरमैन को दी गई थी उसके बाद शरद यादव के द्वारा ये आवेदन दिया गया कि फ़िलहाल उनकी एक याचिका चुनाव आयोग के पास लंबित है इसलिए सुनवाई पर रोक लगा दी जाये.  लेकिन मंगलवार के फैसले के बाद अब राज्यसभा की एथिक्स समिति न केवल इस मामले की सुनवाई करेगी बल्कि फैसला भी अगले कुछ दिनों  में आ जाएगा.  हालाँकि शरद समर्थक भी मंगलवार के फैसले के बाद मायूस हैं और उनका कहना है कि शयद ही राज्यसभा में उनके अनुकूल कोई फैसला अब आये.  

इन लोगों को उम्मीद थी कि 17 सितम्बर को दिल्ली में आयोजित बैठक के बाद ये दावा किया जाता कि पार्टी के राष्ट्रीय परिषद में अभी भी शरद यादव के समर्थकों का बहुमत है.  लेकिन बदली हुई परिस्थितयों में अब एक नई पार्टी बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं.  हालाँकि शरद यादव चुनाव आयोग के पास एक बार फिर जायेंगे.   
VIDEO: शरद यादव की नीतीश को चुनौती

वही जनता दल अध्यक्ष नीतीश कुमार जिन्होंने अब तक शरद यादव को न पार्टी से निलंबित किया है और न ही निष्कासित बल्कि हमेशा यही कहा है कि शरद जी ने स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता  त्याग दिया. सोमवार को कहा था कि शरद जी पहले अपना रास्ता अलग कर चुके हैं.  उन्हें कुछ नहीं कहना.  राजनीति में कोई बैठा थोड़े रहता है. कुछ न कुछ करता रहता है.  नीतीश ने कहा कि जरा देख लीजियेगा 40 साल में जितना पब्लिसिटी नहीं मिला उतना अभी मिल रहा हैं. अच्छी खासी है.  बम्पर पब्लिसिटी है.  इसके लिए बहुत शुभकामना.  आपलोग देते रहिये. मीडिया किसी को उछालता है तो कभी पटकता है.


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