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नीति आयोग के बयान पर बवाल, तेजस्वी यादव ने बीजेपी और जेडीयू को घेरा

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने देश के विकास की रफ्तार धीमी होने के पीछे बिहार सहित चार राज्यों को जिम्मेदार ठहराया

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नीति आयोग के बयान पर बवाल, तेजस्वी यादव ने बीजेपी और जेडीयू को घेरा

आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है.

खास बातें

  1. तेजस्वी ने आयोग के सीईओ अमिताभ कांत को दिया तीखा जवाब
  2. राजद नेता ने नीतीश कुमार को भी बनाया निशाना
  3. कहा, नीति आयोग ने बिहार मॉडल की धज्जियां उड़ा दीं
पटना: नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत के बयान- बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के कारण देश में विकास की रफ़्तार धीमी है, पर राजद सहित कई दलों को आपत्ति है.

मंगलवार को एक बयान जारी कर बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि नीति आयोग के सीईओ ने अज्ञानतावश बड़े ही दुर्भाग्यपूर्ण रूप से एक गैरजिम्मेदाराना बयान दिया है कि बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे राज्यों ने ही देश में प्रगति की रफ्तार को कम कर दिया है. तेजस्वी के अनुसार यह साफ दिखाता है कि नीति आयोग के अधिकारी देश की सामाजिक-आर्थिक जमीनी हकीकत से एकदम अनजान हैं. यही कारण है कि अभी तक नीति आयोग ने सिर्फ बहानेबाजी और समस्याएं गिनाने के अलावा और कुछ नहीं किया है.

तेजस्वी ने कहा कि नीति आयोग ने एक तरह से नीतीश कुमार के बिहार मॉडल की धज्जियां उड़ा दी हैं. एमपी, छत्तीसगढ़ में तो 15 साल से भाजपाई सरकारें हैं.

यह भी पढ़ें : बिहार और UP जैसे राज्यों के कारण ही पिछड़ा बना हुआ है भारत : नीति आयोग CEO

तेजस्वी ने कहा कि 'बिहार और बिहारी बराबर टैक्स देते हैं. राष्ट्र निर्माण में बराबर हिस्सेदारी रखते हैं. एनडीए को बिहार ने 33 सांसद दिए हैं. सात केंद्रीय मंत्री बिहार से आते हैं. केंद्र और बिहार एक ही गठबंधन की सरकार है. फिर बाबू (अफसर) कहते हैं कि बिहार पिछड़ा हुआ है. राज्य में तेरह साल से भाजपा और जदयू की तथाकथित ब्रांड बिहार वाली सुशासन सरकार है. ऐसा सुशासन जिसने न कोई नौकरियां उत्पन्न कीं, न कोई निवेश ला पाए और कानून व्यवस्था की हालत न पूछो तो ही बेहतर! ऊपर से शिक्षा और स्वास्थ्य का बंटाढार! नौकरी के नाम पर नियोजन और ठेके की अस्थायी नौकरियों में मानव संसाधन का शोषण और वेतन के बदले गुजरात मॉडल मार्का फिक्स्ड सैलरी! यह सुशासन तो value deficient PR wonder से अधिक और कुछ नहीं!'

तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि सुशासन बाबू के रूप में महिमंडन सिर्फ प्रचार, प्रभाव और PR की बैसाखियों पर ही टिका है. जमीन पर किसी भी प्रकार के आमूलचूल परिवर्तन पर नहीं. लोगों के जीवनस्तर और उन्हें सबसे अधिक प्रभावित करने वाली ज़रूरी सुविधाएं व अवस्थाएं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी, आजीविका की स्थिति बद से बदतर ही होती चली गई हैं.

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राजद नेता ने कहा कि 'नीति आयोग के इस बयान पर नीतीश कुमार जी सामने आएं और बिहार की जनता को बताएं कि नीति आयोग झूठ बोल रहा है. नीति आयोग की कड़े शब्दों में आलोचना करें. जिस बिहार के लोग अपने खून-पसीने से राष्ट्र की समृद्धि और सामरिक शक्ति में वृद्धि करते हैं, उनके योगदान को कमतर आंक कर नीति आयोग ने बिहारी अस्मिता और कर्मठता को अपशब्द कहा है. राज्य के निवासियों का मनोबल तोड़ने वाले और उनके योगदान को कमतर आंकने वाले बयान के विरुद्ध मुख्यमंत्री जी कुछ बोलने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पा रहे हैं?'


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