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पीएम मोदी की रैली से पहले बिहार को तोहफा, दूसरे एम्स को लेकर जारी सस्पेंस खत्म

बिहार में दूसरे एम्स को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है. राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ज़िद और आग्रह के बाद अब दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल को ही अपग्रेड कर एम्स बनाया जाएगा.

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पीएम मोदी की रैली से पहले बिहार को तोहफा, दूसरे एम्स को लेकर जारी सस्पेंस खत्म

दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल को ही अपग्रेड कर एम्स बनाया जाएगा.

खास बातें

  1. पीएम मोदी की रैली से पहले बिहार को मिला तोहफा
  2. दूसरे एम्स को लेकर लंबे समय से जारी विवाद खत्म
  3. दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल एम्स में होगा अपग्रेड
पटना:

बिहार में दूसरे एम्स को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है. राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ज़िद और आग्रह के बाद अब दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल को ही अपग्रेड कर एम्स बनाया जाएगा. शनिवार को पटना में स्वास्थ्य मंत्रालय के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस आग्रह पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सहमति जता दी. आपको बता दें कि बिहार में पिछले कई महीनों से दूसरे एम्स के स्थान को लेकर काफी विवाद चल रहा था. माना जा रहा था कि केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे भागलपुर में दूसरे एम्स की स्थापना करना चाहते थे. इसी वजह से यह मामला लटका हुआ था. शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2015 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बिहार में दूसरा एम्स खोलने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इसके जगह का चयन नहीं हो पाया. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पटना के बिहार कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग को अपग्रेड कर NIT बनाया गया उसी तरह दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल को अपग्रेड कर एम्स बनाया जाए.

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नीतीश कुमार ने साफ किया कि वर्तमान में DMCH में जो भी डॉक्टर एम्स के लायक हैं उन्हें ही रखा जाए और बाकी डॉक्टरों को राज्य सरकार अपने किसी अन्य मेडिकल कॉलेज या स्वास्थ्य विभाग में समायोजित कर लेगी. हालांकि इसके लिए वर्तमान नीति में बदलाव की जरूरत है. इस कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे भी मौजूद थे और उन्होंने भी इस प्रस्ताव पर सहमति जताई. दरअसल, नीतीश कुमार दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल को ही एम्स में अपग्रेड कराने को लेकर इसलिए अड़े हुए हैं क्योंकि इसके पास पर्याप्त 200 एकड़ ज़मीन है. भूमि अधिग्रहण की कोई समस्या नहीं आएगी और साथ-साथ यह उत्तर बिहार का एक हब भी है. 

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