दिल्ली चुनाव में BJP-JDU गठबंधन पर पार्टी नेता ने उठाए सवाल तो वशिष्ठ नारायण सिंह बोले: सार्वजनिक तौर पर जवाब मांगना अनुचित

वशिष्ट ने कहा, 'मैं इस तरह के बयान को अनुचित मानता हूं. जब भी पार्टी की बैठक होगी मैं इस बात को मजबूती के साथ उठाउंगा. सभी को पता है कि बिहार में लंबे अरसे बिहार में गठबंधन चल रहा है जिसके तहत जदयू, भाजपा और लोजपा एक साथ काम कर रही है.’

दिल्ली चुनाव में BJP-JDU गठबंधन पर पार्टी नेता ने उठाए सवाल तो वशिष्ठ नारायण सिंह बोले: सार्वजनिक तौर पर जवाब मांगना अनुचित

जदयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

खास बातें

  • दिल्ली विधानसभा चुनाव में जदयू ने भाजपा के साथ किया है गठबंधन
  • भाजपा के साथ गठबंधन पर पार्टी नेता पवन कुमार ने उठाए थे सवाल
  • वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि सार्वजनिक तौर पर जवाब मांगना अनुचित
पटना:

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह (Vashisht Narayan Singh) ने अपनी पार्टी के राज्यसभा सदस्य पवन वर्मा (Pawan Verma) के जदयू (JDU) के दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Election 2020) को लेकर भाजपा (BJP) से गठबंधन करने के फैसले पर सार्वजनिक तौर पर जवाब मांगे जाने को अनुचित बताते हुए बुधवार को कहा कि जब भी पार्टी की बैठक होगी वे इस बात को मजबूती के साथ उठाएंगे. मीडिया से बात करते हुए वशिष्ठ ने पवन के जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) को लिखे पत्र को ट्विटर पर साझा किए जाने पर एतराज जताया और कहा, 'मैं इस तरह के बयान को अनुचित मानता हूं. जब भी पार्टी की बैठक होगी मैं इस बात को मजबूती के साथ उठाउंगा. सभी को पता है कि बिहार में लंबे अरसे बिहार में गठबंधन चल रहा है जिसके तहत जदयू, भाजपा और लोजपा एक साथ काम कर रही है.'

उन्होंने पवन के बयान को सुर्खियों में बने रहने के लिए दिया गया बयान बताते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति फैसला कर लेता है तो इस तरह के बयान आते हैं. ऐसे में उन्हें कोई कैसे रोक सकता है. वे कोई कदम उठाने के लिए स्वतंत्र हैं. इस बीच बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने पवन का समर्थन करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को अपने पार्टी के भीतर और जनता के बीच भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.

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बता दें, दिल्ली चुनाव में JDU का बीजेपी के साथ गठबंधन पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन वर्मा को बहुत नागवार गुजरा था और उन्होंने इस फैसले को लेकर पार्टी के अध्यक्ष नीतीश कुमार चिट्ठी लिखी थी. चिट्ठी में उन्होंने बीजेपी, नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर देश भर में गुस्से के माहौल पर अपनी राय रखी थी. दरअसल पवन वर्मा ने पार्टी के विचारधारा के आधार पर नीतीश कुमार से सफाई मांगी थी. पवन वर्मा की चिट्ठी से ऐसा लगा था कि नीतीश कुमार की लगातार चुप्पी से वह अब बेचैन हो गए हैं. 

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उन्होंने चिट्ठी में नीतीश कुमार से साल 2017 के बाद हुई एक निजी बातचीत का भी जिक्र किया था. जिसमें उन्होंने दावा किया कि किस तरह से नीतीश कुमार ने बीजेपी को लेकर आशंका जताई थी. पवन कुमार ने लिखा था, 'आपने कहा था कि किस तरह से बीजेपी के वर्तमान नेतृत्व ने उन्हें अपमानित किया है और आपने कहा कि बीजेपी भारत को एक खतरनाक जगह लेकर जा रही है, संस्थानों को खत्म कर रही है. अब जरूरत है कि एक लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष ताकत का गठन किया जाए. यहां तक कि पार्टी के एक वरिष्ठ नेता को भी यह जिम्मेदारी भी सौंपी गई है.' 

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VIDEO: JDU को खड़ा करने में पवन वर्मा की कोई भूमिका नहीं: वशिष्ठ नारायण सिंह

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)