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क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में नीतीश का बिजली मॉडल लागू करना चाहते हैं?

पीएम मोदी द्वारा 'सौभाग्य' योजना की घोषणा के बाद से सीएम नीतीश, उनके मंत्रियों और राज्य के ऊर्जा विभाग के अफसरों के चेहरे पर काफी मुस्कान है.

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क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में नीतीश का बिजली मॉडल लागू करना चाहते हैं?

पीएम नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम को जब से पूरे देश में हर घर के लिए बिजली देने की योजना 'सौभाग्य' की घोषणा की है, बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों और राज्य के ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के चेहरे पर कुछ ज्यादा ही मुस्कुराहट देखी जा सकती है. 'सौभाग्य' यानी सहज बिजली हर घर योजना के तहत गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने का ऐलान किया गया है. वहीं वैसे परिवार के लोगों को जो सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना में शामिल नहीं हैं, उन्हें 500 रुपये में कनेक्शन देने की घोषणा की गई है और ये रकम उस व्यक्ति से 10 किस्तों में वसूली जाएगी. इसके अलावा सोलर पावर पैक, जिसमें पांच एलईडी लाइट के अलावा एक डीसी पंखा भी रहेगा, वह भी दिया जाएगा. बिहार में 'हर घर बिजली' के तहत न केवल बीपीएल परिवारों, बल्कि एपीएल परिवार के लोगों को भी कनेक्शन के समय कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है, लेकिन निर्धारित कनेक्शन शुल्क बिजली बिल के साथ किस्तों में लिया जाता है.

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बिहार में इसके अलावा पंचायतों की बैठक कराकर बिजली कैंप लगाई जाई हैं. इसमें कोई व्यक्ति आवेदन देकर वहीं कनेक्शन ले सकता है और उसे किसी दफ्तर में चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है. ऐसे परिवार के लोगों की सूची तैयार की जाती है. ऐसा प्रावधान केंद्र सरकार द्वारा सोमवार को की गई घोषणा में भी शामिल है. बिहार में नीतीश कुमार द्वारा बिजली के क्षेत्र में सरकार द्वारा शुरू की गई सब्सिडी की स्कीम के तहत सब्सिडी सीधे उपभोक्ता को दिया जाने लगा. लेकिन वह पैसे के माध्यम से नहीं बल्कि हर उपभोक्ता के बिजली बिल में ये अंकित होता है कि आखिर उस महीने उनके बिल में कितनी सब्सिडी सरकार की तरफ से दी गई. केंद्र सरकार ने अब राज्यों को बिलिंग का ये मॉडल अपनाने का निर्देश दिया है.

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बिहार सरकार इस साल के अंत तक हर गांव तक बिजली पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रही है. पिछले विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने भी माना था कि बिजली की स्थिति में आई सुधार का लाभ नीतीश की जीत का एक अहम कारण रहा. हालांकि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में अपनी पहली चुनावी सभा से लेकर आखिरी सभा तक नीतीश को घेरने की खूब कोशिश की थी. उनका सवाल होता था 'बिजली आई, बिजली मिली'. हालांकि बिजली में सुधार के कारण बिहार की अर्थव्यवस्था पर भी इसका व्यापक असर पड़ा है.

हाल में केंद्रीय उर्जा सचिव के सामने पटना में एक बैठक हुई थी. इसमें बिहार सरकार की बिजली योजना पर विस्तार से चर्चा हुई.  केंद्र की नई घोषणा पर बिहार के ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने मोदी सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा है कि अगर केंद्र की किसी नई घोषणा पर राज्य में लागू कार्यक्रम की छाप देखने को मिले, तो इससे ज्यादा उत्साहवर्ध्रक क्या हो सकता है.


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