NDTV Khabar

NDTV EXCLUSIVE : चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर अब नहीं देंगे किसी पार्टी को सलाह, सीधे राजनीति में आने का फैसला

आज शाम हैदराबाद में इसकी घोषणा की जाएगी जहां प्रशांत इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के छात्रों के साथ रूबरू होंगे.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
NDTV EXCLUSIVE : चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर अब नहीं देंगे किसी पार्टी को सलाह, सीधे राजनीति में आने का फैसला

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर इस समय आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी के लिये काम रहे हैं

खास बातें

  1. कई नेताओं से अच्छे संबंध
  2. प्रशांत किशोर को लेकर अटकलें
  3. आज शाम हैदराबाद में हो सकती है घोषणा
पटना: चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर अब सीधे राजनीति में कूदने का फैसला किया है. वह आज इसकी घोषणा हैदराबाद में कर सकते हैं. प्रशांत किशोर 2014 में बीजेपी, 2015 में महागठबंधन और 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के लिये काम कर चुके हैं. एक समय चुनाव में जीत की गारंटी बन चुके प्रशांत किशोर उस समय चर्चा में आए थे जब 2014 के चुनाव प्रचार में बीजेपी के प्रचार को उन्होंने 'मोदी लहर' में बदल दिया था.  उसके बाद उनके बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मतभेद की खबरें आईँ और उन्होंने साल 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन (आरजेडी+जेडीयू+कांग्रेस) के प्रचार की कमान संभाल ली और इस चुनाव में बीजेपी को तगड़ी हार का सामना करना पड़ा.  इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस के प्रचार की कमान संभाल ली और पूरी पार्टी उन्हीं की बनाई रणनीति पर काम करने लगी. लेकिन कांग्रेस के नेताओं के साथ उनकी पटरी नहीं खा सकी और नतीजों में भी पार्टी बुरी तरह से हार गई. 

राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर का रुख दक्षिण भारत की ओर, अब वाईएसआर कांग्रेस के साथ जुड़े

हैदराबाद में करेंगे घोषणा
पिछले छह वर्षों से विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ उनके चुनावी अभियान में काम करने के बाद प्रशांत किशोर ने किसी दल के साथ पर्दे के पीछे से काम नहीं करेंगे. इसकी विधिवत घोषणा आज शाम हैदराबाद में की जाएगी जहां प्रशांत इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के छात्रों के साथ रूबरू होंगे.

अमेरिका रिटर्न, 30 साल के रजत सेठी हैं बीजेपी की असम में जीत के 'असली हीरो'

नेताओं से अच्छे संबंध
हालांकि प्रशांत किस दल में शामिल होंगे फ़िलहाल इसके बारे में कोई इशारा नहीं किया हैं लेकिन माना जाता हैं कि अधिकांश दल के शीर्ष नेताओं के साथ व्यक्तिगत मधुर सम्बंध होने के कारण उनके विकल्प खुले हैं. हालांकि हाल ही के दिनों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनके संबंध काफ़ी मधुर रहे हैं और दोनो एक दूसरे के साथ दिल्ली और पटना में घंटो एक साथ बिताया है. 

2019 के चुनाव में नरेंद्र मोदी के रणनीतिकार होने की भी थीं खबरें​


टिप्पणियां



 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement