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नीतीश कुमार की अधिकारियों को हिदायत - तय करें बिहार में शराब न आये और न मिले

उन्होंने खासकार शहरों में शराब मिलने, शराब माफियाओं को पकडने, उनके वाहनों, घर एवं संपति को नीलाम करने के बिन्दू पर कठोरता बरतने के संबंध में समीक्षा की

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नीतीश कुमार की अधिकारियों को हिदायत - तय करें बिहार में शराब न आये और न मिले

बिहार में शराब बंदी के मामले पर फिर बोले नीतीश कुमार

खास बातें

  1. कठोरता बरतने के संबंध में की समीक्षा.
  2. विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुडे़ थे तमाम अधिकारी.
  3. सरकार के निर्णय का कठोरता से पालन करने पर दिया जोर.
पटना: कुछ दिन पहले जेल में बंद बिहार के आपराधिक छवि वाले नेता शहाबुद्दीन ने जेल से आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव से बात की थी. ऐसा एक वीडियो में दावा किया गया था. शहाबुद्दीन दूसरे ऑडियो में शराबबंदी के खिलाफ बोल रहा है और शराब माफिया से बात कर रहा था. एक चैनल द्वारा इस प्रकार का स्टिंग करने के बाद एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराब माफियाओं पर सख्त हो गए हैं. उन्होंने ने फिर इस संबंध में राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए हैं.

बिहार में पूर्ण शराबबंदी के मद्देनजर शराब के सेवन और इसकी तस्करी करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार के सघन अभियान छेड़े जाने के बीच जब्ती के बाद पुलिस मालखाना में रखी करीब नौ लाख लीटर से अधिक शराब के कथित रूप से चूहों द्वारा गटक जाने का मामला पिछले सप्ताह प्रकाश में आने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को यह निर्देश दिया कि बिहार में न तो शराब आये और न मिले ही यह सुनिश्चित किया जाए.

कुमार ने मुख्य सचिवालय स्थित सभाकक्ष में शराबबंदी के संबंध में सरकार के निर्णय का कठोरता से पालन करने के हर बिन्दू की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शराबबंदी के संबंध में सरकार के निर्णय का कठोरता से पालन करने के बिन्दू पर विस्तृत समीक्षा की.
 
समीक्षा बैठक में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी जोनल आईजी, प्रमण्डलीय आयुक्त डीआईजी, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जुडे हुए थे. उन्होंने खासकार शहरों में शराब मिलने, शराब माफियाओं को पकडने, उनके वाहनों, घर एवं संपति को नीलाम करने के बिन्दू पर कठोरता बरतने के संबंध में समीक्षा की.
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शराब नहीं आये और न मिले यह सुनिश्चित किया जाए. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इस बिन्दू पर भी निर्देश दिए गए कि अगर कोई कर्मी भी इसमें संलिप्त पाया जाए तो उसपर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो. उन्होंने बारी-बारी से सभी जिलों के साथ समीक्षा की और शराबबंदी के हर बिन्दू पर चर्चा करते हुए विस्तृत निर्देश दिए.

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मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि शराब माफिया जो अवैध व्यापार कर रहे हैं और जो शराब बाहर से ला रहे हैं, उनपर कठोर कर्रवाई करें. उन्होंने निर्देश दिया कि जो भी गडबडी कर रहे हैं उनपर सख्त कर्रवाई सुनिश्चित करें. साथ ही, मातहत कर्मियों के काम पर भी नजर रखें. गड़बड़ी करने वालों को किसी भी सूरत पर नहीं बख्शा जाय.
 
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे हर दिन प्रगति की समीक्षा करें अपने स्रोत से सूचना संग्रहित करें तथा कार्रवाई सुनिश्चित करें.उन्होंने कहा कि सख्ती से काम करेंगे तो यह धंधा पूरी तरह रूक जाएगा और पूरे देश में संदेश जाएगा.
 
नीतीश ने कहा कि बिहार का जनमत शराबबंदी के पक्ष में है. शराबबंदी के पक्ष में चार करोड लोगों ने प्रदेश में मानव श्रृखला बनायी. मुट्ठी भर लोग शराब का धंधा कर रहे हैं और चंद लोग सिस्टम को खराब कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह जोनल पुलिस महानिरीक्षकों से समीक्षा नहीं एक्शन चाहते हैं.
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बिन्दू पर ध्यान रखेंगे तो यह धंधा नही चल सकता. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समर्पित टीम बनायें, बडे माफिया को पकडें, रूटिन कर्रवाई नहीं बल्कि सख्त कर्रवाई हो. इस मामले में किसी तरह की शिथिलता नहीं आनी चाहिये.
 
इस अवसर पर मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक पीके ठाकुर, मद्य निषेध निबंधन एवं उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अमीर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव आतीश चन्द्रा एवं मनीष कुमार वर्मा, अपर पुलिस महानिदेशक आलोक राज, पुलिस महानिरीक्षक जीएस गंगवार, सहित पुलिस मुख्यालय के वरीय अधिकारी उपस्थित थे.

 


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