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पर्यावरण मंत्रालय ने लालू के बेटे के मॉल का निर्माण रोकने का आदेश दिया है : सुशील मोदी

भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने दावा किया है कि केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने यहां एक कंपनी द्वारा बनाए जा रहे एक मॉल का निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया है. इस कंपनी के निदेशक राजद प्रमुख लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी हैं.

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पर्यावरण मंत्रालय ने लालू के बेटे के मॉल का निर्माण रोकने का आदेश दिया है : सुशील मोदी

सुशील मोदी ने लालू प्रसाद यादव पर गैर कानूनी तरीके से संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है (फाइल फोटो)

पटना: भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने दावा किया है कि केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने यहां एक कंपनी द्वारा बनाए जा रहे एक मॉल का निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया है. इस कंपनी के निदेशक राजद प्रमुख लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी हैं.

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने यहां सगुना मोड़ पर बन रहे मॉल का निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया है क्योंकि यह पर्यावरण मंजूरी के बगैर बनाया जा रहा है.उन्होंने दावा किया कि 15 मई की तारीख वाले एक आदेश में मंत्रालय ने कहा है कि इस परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी लेने की जरुरत थी और अब यह पर्यावरण प्रभाव आंकलन अधिसूचना, 2006 के उल्लंघन का मामला है क्योंकि निर्माण स्थल पर यह कार्य पर्यावरण मंत्रालय की इजाजत लिए बगैर किया जा रहा है. 

उन्होंने मंत्रालय द्वारा जारी आदेश की प्रति को पढ़ते हुए कहा, ‘इन बातों के मद्देनजर आपको निर्माण स्थल पर तत्काल प्रभाव से काम रोकने और इस विषय में एक रिपोर्ट मंत्रालय को तीन हफ्ते में सौंपने का निर्देश दिया जाता है.’ 

सुशील मोदी ने कहा कि आदेश जारी होने के बाद चार दिन बीत गए हैं लेकिन राज्य सरकार ने निर्माण कार्य रोकने का अब तक कोई फैसला नहीं किया है. उन्होंने कहा कि यह इस बात को जाहिर करता है कि राज्य में किस तरह का सुशासन है. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मॉल के अवैध निर्माण में हस्तक्षेप करने और निर्माण कार्य रोकने, परियोजना को सील करने तथा बेनामी संपत्ति जब्त करने की चुनौती दी.

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि 7.66 लाख वर्ग फुट जमीन पर इस मॉल का निर्माण कार्य शुरू करना वन संरक्षण अधिनियम, 1986 के प्रावधानों का उल्लंघन है. उन्होंने दावा किया कि अधिनियम के मुताबिक दो लाख वर्गफुट से अधिक आकार की जमीन पर किसी निर्माण कार्य के लिए राज्य पर्यावरण प्रभाव आंकलन प्राधिकरण (एसईआईएए) की पूर्व मंजूरी अवश्य लेनी होगी. 

निर्माण कंपनी मेरेडियन कंस्ट्रक्शन (इंडिया) लिमिटेड ने स्वीकार किया है कि मॉल का बुनियादी काम पूरा हो गया है और यह एसईआईएए को इस परियोजना की पर्यावरण मंजूरी हासिल करने के लिए एक अर्जी देगा. वहीं, सुशील ने दावा किया कि निर्माण कार्य साल भर पहले शुरू हुआ था. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि न तो निर्माण कार्य रूका, ना प्राथमिकी दर्ज हुई और ना ही केंद्र सरकार को वन अधिनियम के उल्लंघन के बारे में सूचना दी गई.

गौरतलब है कि सुशील ने सात अप्रैल को आरोप लगाया था कि लालू प्रसाद के परिवार को डिलाईट मार्केटिंग कंपनी प्रा. लि. के नाम से एक फर्जी कंपनी के जरिए सगुना मोड़ दो एकड़ बेनामी संपत्ति मिली है. बाद में इस कंपनी का नया नामकरण लारा प्रोजेक्ट प्रा. लि. कर दिया गया जिसमें लालू की पत्नी राबड़ी देवी और तेजस्वी निदेशक हैं.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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