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राज्‍यपाल ने दिए बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी के कुलपति और रजिस्‍ट्रार के खिलाफ निगरानी जांच के आदेश, पढ़ें क्‍या है पूरा मामला

नवनियुक्त राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक के इस फैसले को अब तक का बड़ा फैसला माना जा रहा है. उन्होंने मुजफ्फरपुर के भीमराव आंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी में सामने आये कई तरह के मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए कुलपति और रजिस्ट्रार के खिलाफ निगरानी जांच के आदेश दे दिए हैं.

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राज्‍यपाल ने दिए बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी के कुलपति और रजिस्‍ट्रार के खिलाफ निगरानी जांच के आदेश, पढ़ें क्‍या है पूरा मामला

छात्रों की प्रतिकात्‍मक फोटो

मुजफ्फरपुर : बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मुजफ्फरपुर के भीमराव आंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी (बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी) के कुलपति और रजिस्ट्रार के खिलाफ निगरानी जांच के आदेश दे दिए हैं. यूनिवर्सिटी में कई तरह की गड़बड़ी सामने आने के बाद राज्यपाल ने ये फैसला लिया है. 

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नवनियुक्त राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक के इस फैसले  को अब तक का बड़ा फैसला माना जा रहा है. उन्होंने मुजफ्फरपुर के भीमराव आंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी में सामने आये कई तरह के मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए कुलपति और रजिस्ट्रार के खिलाफ निगरानी जांच के आदेश दे दिए हैं.  कुलाधिपति की हैसियत से राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक के इस आदेश के बाद बिहार यूनिवर्सिटी के कुलपति अमरेंद्र नारायण यादव और रजिस्ट्रार अजय कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ अब निगरानी जांच करेगा.

बिहार यूनिवर्सिटी में बीते अगस्त माह में बीएड एडमिशन में गड़बड़ी का गंभीर मामला सामने आया था और बताया गया कि यूनिवर्सिटी के बिना मान्यता के ही कई कॉलेजों में छात्रों का एडमिशन करा दिया.  इसके आलावा फर्जी एमफिल कोर्स और फर्जी भवन के मामले में भी बिहार यूनिवर्सिटी सुर्खियों में आया था. दरअसल, बिहार विश्वविद्यालय का दुरस्थ शिक्षा निदेशालय के किसी भी कोर्स को राजभवन की स्वीकृति नहीं है थी. आरोप यह भी है कि पिछले कई सालों से लाखों छात्रों का नामांकन कराके करोड़ों रुपए की उगाही की गई. इनमें से करीब पचास लाख रुपए के गबन की प्राथमिकी भी विश्वविद्यालय थाने में दर्ज है.  

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बिहार यूनिवर्सिटी इन दिनों पिछले एक साल काफी विवादों में रहा है.  यूनिवर्सिटी में बीएड कॉलेजों में नामांकन से लेकर फर्जी तरीके से कोर्स संचालित करने और दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगे थे.  यूनिवर्सिटी के कई विभाग में हुई गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के आंदोलन के चलते यूनिवर्सिटी में पिछले 12 दिनों से कामकाज ठप है. पीजी हॉस्टल के छात्र और कुलपति डॉ.अमरेन्द्र नारायण यादव के बीच सोमवार की सुबह वार्ता हुई थी, लेकिन विफल हो गई. कुलपति के समक्ष छात्रों ने डीडीई के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग रखी, कुलपति ने कहा कि दो दिन का समय बचा है, जांच कमेटी की रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी मगर छात्र  मानने को तैयार नहीं है.

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गौरतलब है कि अब तक इस पूरे में मामले में यूनिवर्सिटी के छोटे अधिकारी पर ही कार्रवाई की गई जबकि इस मामले में पूर्व कुलपति और बड़े अधिकारियों पर भी आरोप लगे थे. यूनिवर्सिटी में अवैध नियुक्ति का मामला भी अभी काफी गरमाया हुआ है. इन सब मामलों में राजभवन के समक्ष कई परिवाद दायर किये गए थे.
 


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