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बिहार : एचआईवी पीड़ित महिला के ऑपरेशन में सरकारी अस्पताल ने की बड़ी लापरवाही

बिहार में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था कोई नई बात नहीं है. अक्सर अपने कारनामों के लिए सरकारी अस्पताल चर्चा मेें रहते हैं.

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बिहार : एचआईवी पीड़ित महिला के ऑपरेशन में सरकारी अस्पताल ने की बड़ी लापरवाही

प्रतीकात्मक चित्र

पटना: बिहार में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था कोई नई बात नहीं है. अक्सर अपने कारनामों के लिए सरकारी अस्पताल चर्चा मेें रहते हैं. इस बार एचआईवी पीड़ित एक महिला के ऑपरेशन में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. यह मामला किसी गांव के प्राथमिक अस्पताल या जिला के सदर अस्पताल का नहीं, बल्कि उत्तर बिहार की राजधानी कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) की है, जहां प्रसव पीड़ा से पीड़ित महिला का ऑपरेशन किया गया. यह महिला एचआईवी से पीड़ित है. इस बात की जानकारी मिलने के बाद डॉक्टर एवं अस्पताल प्रशासन सकते में है. वहीं अस्पताल के दूसरे मरीज भी डरे सहमे हैं.

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बताया जाता है कि मुजफ्फरपुर के मुसहरी प्रखंड की रहने वाली महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद परिजन एसकेएमसीएच लेकर आए. वहां डॉक्टर ने ऑपरेशन कर उसका प्रसव कराने की बात कही. इस क्रम में महिला की ब्लडबैंक से जांच कराई गई. जांच रिपोर्ट में एचआईवी निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर चंचल की यूनिट में महिला का ऑपरेशन कर दिया गया, जबकि यह रिपोर्ट गलत थी. महिला एचआईवी बीमारी से पीड़ित है. महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया है.

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मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्चा होने के बाद महिला के साथ आई गांव की आशा ने बताया कि वह एचआईवी बीमारी से पीड़ित है और उसने साक्ष्य के रूप में वो कागजात दिखाए जिसमें 05 /05/2016 से उसकी एचआईवी का इलाज इसी एसकेएमसीएच से होने की बात कही गई थी. यह जानकर अस्पताल के डॉक्टर एवं प्रसव कराने वाली टीम के होश उड़ गए. पीड़ित महिला पिछले डेढ़ वर्षों से इसी अस्पताल में एचआईवी का इलाज करा रही है. ऐसे में अस्पताल के ब्लडबैंक विभाग पर तो सवाल खड़े होते ही हैं, साथ ही इस मामले में डॉक्टर की लापरवाही भी कम नहीं है. बहरहाल इस पूरे मामले पर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सुनील शाही ने बताया कि इलाज नहीं होने के डर से परिजन और आशा ने मरीज के एचआईवी होने की बात छुपाई है.


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उन्होंने आशा पर कार्रवाई की बात कही है. वहीं अस्पताल के अधीक्षक डॉ जीके ठाकुर ने टीम गठित कर जांच के बाद कार्रवाई की बात की है.


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