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पटना में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को कहना पड़ा, 'ये बिहार विधानसभा नहीं है'

पटना के बापू सभागार में चल रही इस बैठक में हंगामे को ख़ुद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को शांत कराना पड़ा और उन्होंने यह भी कहा कि ये कोई बिहार विधानसभा नहीं है.

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पटना में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को कहना पड़ा, 'ये बिहार विधानसभा नहीं है'

लोकसभा अध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन (फाइल फोटो)

पटना:

यूं तो राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के भारत रीजन की बैठक कब और कहां होती है, बहुत कम लोगों को पता चलता है. लेकिन ये बैठक शनिवार को पटना में चल रही है, इसका पता सबको उस समय चल गया जब राष्ट्रीय जनता दल के नेता इस बैठक का बहिष्कार कर चल दिए. उनका विरोध इस बात को लेकर था कि उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने अपने संबोधन में ये कह दिया कि फ़िलहाल देश के चार पूर्व मुख्यमंत्री जेल में हैं. पटना के बापू सभागार में चल रही इस बैठक में हंगामे को ख़ुद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को शांत कराना पड़ा और उन्होंने यह भी कहा कि ये कोई बिहार विधानसभा नहीं है. लेकिन राजद के विधायक और नेताओं पर इसका कोई असर नहीं हुआ और वो वॉकाउट कर गये. बाद में राजद नेताओं ने कहा कि मोदी को ऐसी टिप्पणी से बचना चाहिए था और उन्होंने जान बूझकर यह बोलकर सबको उत्तेजित करने की कोशिश की.

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विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव इस कार्यक्रम से दूर रहे और उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, 'राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन, पटना में दागियों के सरगना सुशील मोदी ने 52 देशों के प्रतिनिधियों के सामने बिहार को कलंकित करने का घृणित कृत्य किया है. बिहार के सबसे बड़े फ़ोर ट्वेंटी भाजपाई नेता सुशील मोदी ख़ुद अनेकों मामलों में दाग़ी हैं. ये सबसे बड़े घोटालेबाज़ हैं.' उन्‍होंने आगे लिखा, 'अल्प ज्ञानी सुशील मोदी ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन में यह क्यों नहीं बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री पर संगीन हत्या का मामला दर्ज है? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक JNU छात्र की थीसिस चुराने के आरोप में सज़ायाफता हैं. बिहार की मंत्रिपरिषद में 75 फ़ीसदी मंत्री दाग़ी हैं.' तेजस्‍वी आगे लिखते हैं, 'सुशील मोदी ने यह क्यों नहीं बताया कि नीतीश के नेतृत्व में बिहार मे रिकॉर्ड तोड़ 40 घोटाले हुए हैं? यह क्यों नहीं बताया कि उनकी बहन और उन्होंने सृजन घोटाले का करोड़ों निगल लिया. अपना काला भ्रष्टाचार छिपाने के लिए सुशील मोदी ने इस मंच का प्रयोग किया. चोरों का चोर ईमानदारी बतिया रहा है.' एक अन्‍य ट्वीट में तेजस्‍वी ने लिखा, 'सुशील मोदी को संसदीय प्रणाली तार-तार करने के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए. मुख्यमंत्री से मौनी बाबा बने नीतीश कुमार जी को भी इस घटना पर मुंह खोलना चाहिए कि क्या मजबूरी है कि उन्होंने ऐसे तर्कहीन गालीबाज़ व्यक्ति को उपमुख्यमंत्री बना रखा है?


वहीं सुशील मोदी ने कहा कि राजद के नेताओं ने जैसा व्यवहार किया है उससे लगता हैं कि चोर की दाढ़ी में तिनका. सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि राजद नेताओं का भड़कना ‘चोर की दाढ़ी में तिनके’ की कहावत को चरितार्थ करता है. सुशील ने शुक्रवार को आए उच्चतम न्यायालय के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पिछले अनेक वर्षों के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों ने अनेक कदम उठाए हैं. इससे विधायिका की विश्वसनीयता में और अधिक इजाफा होगा. उप मुख्यमंत्री के आगे यह कहे जाने पर कि इस समय देश के चार पूर्व मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के आरोप में किसी न किसी जेल में बंद हैं, सभागार में मौजूद राजद विधायकों ने अपनी सीटों से खड़े होकर इस पर आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया और विरोधस्वरूप नारेबाजी करते हुए सभागार से निकल गए. उल्लेखनीय है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद करोडों रुपये के चारा घोटाला से जुड़े एक मामले में वतर्ममान में जेल में बंद हैं.


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