ठेकेदारों, व्यवसायियों पर छापेमारी में आयकर विभाग ने 75 करोड़ रुपये की ‘अघोषित आय’ का पता लगाया

आयकर विभाग ने बिहार में कई स्थानों पर ठेकेदारों और व्यवसायियों के परिसरों पर छापेमारी कर 75 करोड़ रुपये की ‘‘अघोषित’’ आय का पता लगाया.

ठेकेदारों, व्यवसायियों पर छापेमारी में आयकर विभाग ने 75 करोड़ रुपये की ‘अघोषित आय’ का पता लगाया

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

आयकर विभाग ने बिहार में कई स्थानों पर ठेकेदारों और व्यवसायियों के परिसरों पर छापेमारी कर 75 करोड़ रुपये की ‘‘अघोषित'' आय का पता लगाया. यह जानकारी शुक्रवार को सीबीडीटी ने दी. पटना, भागलपुर, हिलसा और कटिहार में ‘‘चार प्रमुख'' ठेकेदार समूहों पर बृहस्पतिवार को छापेमारी की गई. राज्य के गया जिले में कुछ खनन व्यवसायियों पर भी छापेमारी की गई. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा, ‘‘चारों समूह सामग्री एवं मजदूर की आपूर्ति में ज्यादा खर्च दिखाकर कर से बचते हुए पाए गए. अभी तक की छापेमारी में 75 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है.'' 

सीबीडीटी आयकर विभाग के लिए प्रशासनिक प्राधिकार है. इसने बताया कि छापेमारी के दौरान 3.21 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए जबकि 30 करोड़ रुपये की सावधि जमा पर रोक के आदेश दिए गए हैं. बयान में बताया गया कि 16 करोड़ रुपये की संपत्ति पर भी रोक लगाई गई है. बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए तीन चरणों में मतदान हो रहा है. पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को हुआ जबकि दूसरा चरण तीन नवम्बर को और तीसरे चरण का मतदान सात नवम्बर को होगा. वोटों की गिनती दस नवंबर को होगी.

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सीबीडीटी ने कहा कि एक मामले में इसने पाया कि विभिन्न पार्टियों को बिना किसी सेवा या आपूर्ति के साक्ष्य के भुगतान किए गए हैं. इसने कहा, ‘‘फर्जी पार्टियों को किए गए भुगतान को बिना गारंटी के ऋण या कई बार नकदी में वापस लिया गया. इस तरह के ऋण करीब दस करोड़ रुपये के हैं.'' 

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सीबीडीटी ने कहा कि इस तरह से हासिल नकदी का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने में किया गया.
 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)