केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के चेहरे पर फेंकी गई स्याही, मरीजों का हाल जानने गए थे पटना मेडिकल कॉलेज

केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे (Ashwini Kumar Choubey) जो मंगलवार को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का दौरा कर रहे थे, इसी दौरान किसी ने उनके चेहरे पर स्याही फेंक दी.

खास बातें

  • अश्विनी चौबे पर फेंकी गई स्याही
  • अस्पताल का दौरा करने पहुंचे थे केंद्रीय मंत्री
  • स्याही फेंकने वाला लड़का है निशान्त झा
बिहार:

केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे (Ashwini Kumar Choubey) जो मंगलवार को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का दौरा कर रहे थे, इसी दौरान किसी ने उनके चेहरे पर स्याही फेंक दी. अश्विनी चोबे ने इस घटना के बाद कहा, ''ना केवल मेरे ऊपर बल्कि पत्रकारों के ऊपर भी स्याही फेंकी गयी और इस घटना के पीछे वही लोग हैं जो पहले अपराध जगत में सक्रिय थे.'' एक रीजनल टीवी चैनल से बात करते हुए स्याही फेंकने वाले लड़के निशान्त झा ने कहा है कि उसका संबंध पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी (JAP) से है. साथ उसने कहा कि यह उसका व्यक्तिगत निर्णय था. हालांकि पप्पू यादव ने कहा कि वो ऐसे किसी व्यक्ति को नहीं जानते.

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मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे पटना के अस्पतालों का दौरा करने पहुंचे थे. बताते चले कि बिहार में डेंगू का क़हर अभी भी जारी है. राजधानी पटना में डेंगू से प्रभावित लोगों की संख्या अब 1300 से अधिक हो गयी है. पटना में इस बीमारी से एक सात साल के बच्ची की जहां मौत हुई, वहीं भाजपा विधायक संजीव चौरसिया भी अब प्रभावित लोगों में से एक है. सोमवार को अकेले पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में जिन 294 सैम्पल की जांच हुई, उसमें 116 पॉजिटिव पाये गये. 

पूरे स्थिति के बारे में पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि पटना शहर में डेंगू मरीजों की अप्रत्याशित वृद्धि का सबसे बड़ा कारण मौसम में उतार-चढ़ाव और जल जमाव है. उन्होंने कहा कि डेंगू मरीज़ों के साथ साथ वायरल बुखार और चिकनगुनिया के भी मरीज़ों की संख्या बढ़ी है.

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हालांकि उनका मानना है कि मौसम में ठंडक आने के साथ-साथ अब मरीज़ों की संख्या में कमी आएगी और बिहार के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस बार डेंगू के मरीज़ों में एक नया ट्रेंड देखा जा रहा है कि डेंगू के डंक के बावजूद मरीज़ का प्लेटलेट ज़्यादा नीचे नहीं जा रहा है.