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SC/ST एक्ट को लेकर रामविलास पासवान पर बरसे जीतन राम मांझी, कहा- सिर्फ श्रेय लेना चाहते हैं

मांझी ने आरोप लगाया कि उनके (मांझी के) मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान मुज़फ़्फ़रपुर जैसी घटनाओं की भनक उन्हें मिल रही थी.

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SC/ST एक्ट को लेकर रामविलास पासवान पर बरसे जीतन राम मांझी, कहा- सिर्फ श्रेय लेना चाहते हैं

जीतन राम मांझी ने रामविलास पासवान पर आरोप लगाए

पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा(सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान पर हमला बोला है. रविवार  को उन्होंने आरोप लगाया कि वह अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक पारित होने का श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं. मांझी ने इसके लिए पासवान की आलोचना की. मांझी ने आरोप लगाया कि उनके (मांझी के) मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान मुज़फ़्फ़रपुर जैसी घटनाओं की भनक उन्हें मिल रही थी जिसको लेकर उन्होंने कार्रवाई करने का मन बनाया था लेकिन नीतीश कुमार ने उन्हें मुख्यमंत्री पद से ही हटा दिया.

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उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि अगर वे ऐसा नहीं करते तो हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के कार्यकर्ता हर कार्यक्रम में उनका विरोध करेंगे. गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब एनडीए पर जीतन राम मांझी ने आरोप लगाया हो. इससे पहले इसी साल मई में मांझी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के संभावित गठबंधन का मुकाबला करने के लिए भाजपा जहां दलितों को लुभा रही है.

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इसी तरह बिहार में अगले लोकसभा चुनावों के लिए राजग को अनुसूचित जातियों को अपने पक्ष में करने में राष्ट्रीय जनता दल ( राजद ) से कड़ा मुकाबला करना पड़ रहा है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बताया कि केंद्र और बिहार की राजग सरकारों से बिहार के दलित निराश हैं और राज्य में यह समुदाय संकट में है. उन्होंने कहा था कि उनके जैसे दलित नेताओं के लिए एकमात्र विकल्प दूसरे गठबंधन को आजमाना है क्योंकि पहले गठबंधन से फायदा नहीं हुआ.

VIDEO: एनडीए से बाहर हुए जीतन राम मांझी.

अनुसूचित जाति के एक अन्य नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने इस हफ्ते की शुरुआत में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू छोड़ दी और लालू प्रसाद नीत राजद को समर्थन देने की घोषणा की. दिलचस्प बात है कि मांझी और चौधरी प्रतिद्वंद्वी नेता हैं और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने 2015 में इमामगंज विधानसभा सीट पर चौधरी को परास्त किया था. (इनपुट भाषा से) 


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