जीतनराम मांझी ने जताई बिहार का मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश, शिवानंद तिवारी ने कहा- हमारा उपहास न उड़ाएं

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी को राज्य की राजनीति में कोई गंभीरता से नहीं लेता. अपने बयान के कारण सुर्ख़ियां में बने रहने की आदत से वह अपने सहयोगियों के लिए परेशानी का कारण बने रहते है. ताज़ा घटनाक्रम में जीतन राम मांझी ने महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने की इच्छा जतायी हैं क्योंकि तेजस्वी यादव को अनुभव की कमी है.

जीतनराम मांझी ने जताई बिहार का मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश, शिवानंद तिवारी ने कहा- हमारा उपहास न उड़ाएं

पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी (फाइल फोटो)

पटना:

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी अपने बयान के कारण सुर्ख़ियां में बने रहने की आदत से वह अपने सहयोगियों के लिए परेशानी का कारण बने रहते है. ताज़ा घटनाक्रम में जीतन राम मांझी ने महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने की इच्छा जतायी हैं क्योंकि तेजस्वी यादव को अनुभव की कमी है. मांझी ने ऐसा बयान कोई पहली बार नहीं दिया है और उनके सहयोगी भी उनके बड़बोलेपन के कारण हमेशा सफ़ाई देते रहते हैं. लेकिन मांझी ने यह बयान महागठबंधन की बैठक के दो दिन के अंदर दिया है जब उन्हें मीडिया को ब्रीफ़ करने का ज़िम्मा दिया गया था. हालांकि उस ब्रीफ़िंग में मांझी ने कोई ऐसा बायन नहीं दिया लेकिन गुरुवार को उन्होंने अपनी इच्छा मीडिया के सामने जाहिर कर दिया.  

आजम के बचाव में आए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, पूछा- मां-बेटे को किस करती है तो क्या यह...? देखें VIDEO

मांझी के इस बयान पर आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि 'जीतन बाबू' अधीर हो रहे हैं. महागठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा या  बहुमत मिलने पर कौन मुख्यमंत्री बनेगा यह मीडिया में तय नहीं होता है, इसको महागठबंधन के सभी घटक दल आपस में बैठकर तय करेंगे. शिवानंद ने कहा कि अभी दो-तीन दिन पहले महागठबंधन की बैठक हुई थी. उस बैठक में जीतन बाबू भी मौजूद थे. अगर उनके मन में कोई बात थी तो उसको उस बैठक में रखकर सुलझा लिया जाना चाहिए था. वहां इस विषय पर आप मौन रहे. अब मीडिया के ज़रिए सवाल उठाकर  जीतन बाबू विरोधियों को मौक़ा दे रहे हैं कि वे हमारा उपहास उड़ाएं.

क्या तेजस्वी यादव अब बिहार में महागठबंधन के नेता नहीं रहे?

शिवानंद ने कहा, 'इससे सिर्फ महागठबंधन का ही उपहास नहीं उड़ रहा है बल्कि जीतन बाबू भी उपहास का पात्र बन रहे हैं. जीतन बाबू महागठबंधन के सम्मानित नेता हैं. उनसे नम्रतापूर्वक मैं अनुरोध करता हूं कि इस प्रकरण में उन्हें जो कुछ भी कहना हो, महागठबंधन के भीतर कहें. इस विषय को सार्वजनिक विवाद का विषय  न बनाएं'. 
 

क्या तेजस्वी यादव होंगे बिहार में महागठबंधन का चेहरा?​

 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com