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एक ज्योतिषी को पार्टी प्रवक्ता बनाकर विवादों में लालू प्रसाद यादव

त्रिपाठी उतर प्रदेश सरकार में अधिकारी रहे हैं और कुछ क्षेत्रीय चैनलों पर वह सुबह-सुबह हर दिन भविष्यवाणी का कार्यक्रम करते हैं.

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एक ज्योतिषी को पार्टी प्रवक्ता बनाकर विवादों में लालू प्रसाद यादव

राष्‍ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)

पटना: राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव राजनीति में एक से एक प्रयोग करते रहते हैं. इसी क्रम में उन्होंने एक जाने-माने ज्योतिषि शंकर चरण त्रिपाठी को अपनी पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाने की घोषणा कर डाली. त्रिपाठी उतर प्रदेश सरकार में अधिकारी रहे हैं और कुछ क्षेत्रीय चैनलों पर वह सुबह-सुबह हर दिन भविष्यवाणी का कार्यक्रम करते हैं. लालू यादव ने ख़ुद मीडिया वालों के सामने त्रिपाठी का परिचय कराते हुए कहा कि वो तंत्र मंत्र के बहुत बड़े जानकार हैं और अब उसी से नीतीश कुमार का इलाज करेंगे. सोमवार को नीतीश कुमार ने इसपर चुटकी लेते हुए कहा कि इसका जवाब देने की ज़रूरत नहीं है. लालू यादव का नाम लिए बिना नीतीश ने कहा कि उन्‍हें अपने ऊपर भरोसा नहीं है और जब अपने कर्म के ऊपर भी भरोसा नहीं हैं, तभी तंत्र-मंत्र का सहारा ले रहे हैं.

उन्होंने मीडिया वालों को सलाह दी कि थोड़ा गांव देहात में घूम कर लोगों की प्रतिक्रिया जान लीजिए. लालू ने सोमवार को अपनी पार्टी के कार्यक्रम के बाद कहा कि हमारी शक्ति है कि राजनीतिक विरोधियों से लड़ सकें. लेकिन उन्होंने त्रिपाठी की नियुक्ति का यह कह कर बचाव किया कि वो जानकार आदमी हैं.

वहीं राजद के कई वरिष्ठ नेता लालू के इस फ़ैसले से ख़ुश नहीं हैं. उनका कहना है कि जिस पार्टी में मनोज झा और शिवानन्द तिवारी जैसे अपनी पहचान वाले नेता मौजूद हों वहां लालू का एक ज्योतिषि‍ को प्रवक्ता बनाना साबित करता है कि कोई कुछ अच्छा कह दे तब तुरंत उसके लिए लालू जी कुछ कर बैठते हैं.

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हालांकि राजद के पुराने नेता मानते हैं कि त्रिपाठी की असल परीक्षा आने वाले कुछ दिनों में हो जाएगी जब चारा घोटाले में फ़ैसला आएगा. वहीं क्या सीबीआई होटल के बदले ज़मीन मामले में त्रिपाठी के प्रभाव में लालू और तेजस्वी को बख्‍श देगी. चारा घोटाले के समय लालू यादव ने एक सैटेलाइट बाबा को कुछ समय तक बहुत महत्व दिया था जिसका दावा होता था कि सीबीआई लालू यादव के ख़िलाफ़ कुछ नहीं करेगी. लेकिन जैसे ही उस मामले में चार्जशीट दायर हुई, लालू और उनके समर्थकों ने बाबा की पिटाई कर घर से निकाल दिया था. गौरतलब है कि बाबा पर उनकी बहु ने बलात्कार का मामला दर्ज कराया था.


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