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'बीजेपी के खिलाफ रैली' के लिए लालू यादव ने मांगा विपक्षी दलों से सहयोग, नहीं लिया नीतीश का नाम

राजद प्रमुख ने लालू यादव ने बीजेपी के खिलाफ समान विचारधारा के नेताओं और पार्टियों को एक साथ आने की अपील की.

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'बीजेपी के खिलाफ रैली' के लिए लालू यादव ने मांगा विपक्षी दलों से सहयोग, नहीं लिया नीतीश का नाम

राजद सुप्रीमो लालू यादव ने कहा मायावती और अखिलेश मिल जाएंगे, तो भाजपा का 'गेम ओवर' हो जाएगा...

खास बातें

  1. पार्टी 21वें स्थापना दिवस पर लालू ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया
  2. नीतीश कुमार से नहीं मांगा बीजेपी के खिलाफ रैली के लिए सहयोग
  3. बिहार की सिसायत में चर्चाओं का दौर, टूट सकता है गठबंधन
पटना: राजद के 21वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में लालू ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान राजद सुप्रीमो लालू यादव ने बीजेपी के खिलाफ समान विचारधारा के नेताओं और पार्टियों को एक साथ आने की अपील की. उन्होंने कई नेताओं का नाम लिया लेकिन बिहार सरकार में सहयोगी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम नहीं लिया. इस बात को लेकर बिहार के सियासी हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. कुछ लोग इसे गठबंधन का अंत मान रहे हैं. गौरतलब है कि बीजेपी नेता सुशील मोदी ने हाल में ही में जेडीयू और आरजेडी गठबंधन जल्द ही टूटने जाने की बात कही थी.  

लालू यादव 27 अगस्त को पटना में मेगा रैली आयोजित करने वाले हैं. उन्होंने कहा,  "मायावती और अखिलेश मिल जाएंगे, तो भाजपा का 'गेम ओवर' हो जाएगा. पूरी संभावना है कि अगले चुनाव में दोनों मिल जाएंगे." उन्होंने कहा, "चाहे वे मायावती हो, अरविंद केजरीवाल, ममता, प्रियंका गांधी, राबर्ट वाड्रा सभी को तोड़ने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि वे जानते हैं कि सब एक हो जाएंगे तो भाजपा खत्म हो जाएगी."

उधर, दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "नीतीश कुमार का लालू यादव के साथ उस तरह का मेल नहीं है जैसा उनका बीजेपी के साथ था. उन्होंने कहा, "राजनीति में किसी भी चीज की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती लेकिन मेरी राय में गठबंधन टूटने की कगार पर है. यह पांच वर्षों तक नहीं चलेगा."

उन्होंने यह भी कहा, "नीतीश कुमार मुझसे बड़े नेता हैं. उनके अगले कदम में बारे में कुछ भी कहना बहुत मुश्किल है. एक ओर वह हमारे राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन करते हैं तो दूसरी ओर वह लालू के मामले में चुप्पी साधे हुए हैं. केवल वही बता सकते हैं कि उनके मन में क्या चल रहा है." मोदी ने कहा, "नीतीश कुमार के बारे में जिसने भी जल्दबाजी में घोषणा की, वह गलत साबित हुआ है. फिलहाल उनके अगले कदम का इंतजार करें." 

नीतीश कुमार के एनडीए समर्थित राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने के बाद बिहार में महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. बार-बार इन आशंकाओं को बल मिल रहा है कि नीतीश कुमार बीजेपी के पाले में जाने वाले हैं. नीतीश कुमार के इस कदम का कांग्रेस और आरजेडी ने विरोध जताया था. महागठबंधन में शामिल दलों के नेताओं ने खुलकर एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी की थी.

हालांकि नीतीश कुमार और लालू यादव दोनों ही गठबंधन को अटूट बता रहे हैं. नीतीश की ओर से पिछले सप्ताह यह भी कहा गया था कि अगर उन्हें आमंत्रित किया जाता है तो वे लालू की 'भाजपा भगाओ, देश बचाओ' रैली में शामिल होंगे. 

हालांकि नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ जाने की खबरों का खंडन किया है लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि वे 2019 के आम चुनाव के पीएम उम्मीदवार नहीं होंगे. नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों को बीजेपी को घेरने के लिए विविधत प्लान तैयार करने की नसीहत दी है.


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