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'तुम मंडल छोड़ कमंडल थाम लिए' : नीतीश पर हमला और शरद पर डोरे डालते दिखे लालू यादव

लालू यादव ने मंगलवार शाम अपने फेसबुक पेज पर अपने साथ शरद यादव की एक तस्‍वीर पोस्‍ट करते हुए नीतीश पर करार हमला किया.

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'तुम मंडल छोड़ कमंडल थाम लिए' : नीतीश पर हमला और शरद पर डोरे डालते दिखे लालू यादव

खास बातें

  1. महागठबंधन से हटने के बाद लालू खुलकर नीतीश पर जुबानी हमले कर रहे हैं.
  2. लालू ने अपने फेसबुक पेज पर अपने साथ शरद यादव की एक तस्‍वीर पोस्‍ट की.
  3. नीतीश से पूछा, बताओ मंडल कमीशन लागू करवाने में तुम्हारा क्या रोल था?
नई दिल्‍ली:

बिहार में जेडीयू के महागठबंधन से अलग होने और नीतीश कुमार के बीजेपी के समर्थन से सरकार गठन के बाद उनके और लालू प्रसाद यादव के बीच राजनीतिक लड़ाई खुलकर सामने आ गई है. लालू खुलकर नीतीश पर जुबानी हमले कर रहे हैं. लालू ने नीतीश के लिएअवसरवादी, पलटूराम और सत्‍तालोभी जैसे शब्‍दों का खुलेआम प्रयोग किया. वहीं, लालू जेडीयू के नाराज नेता शरद यादव को अपने पाले में लाने की भरसक कोशिश कर रहे हैं.

इसकी एक बानगी उस वक्‍त भी दिखी जब लालू ने मंगलवार शाम अपने फेसबुक पेज पर अपने साथ शरद यादव की एक तस्‍वीर पोस्‍ट करते हुए नीतीश पर करारा हमला किया. इस पुरानी तस्‍वीर में शरद यादव अस्‍पताल में भर्ती नज़र आ रहे हैं और लालू उनका हालचाल पूछते दिख रहे हैं.

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इस फोटो और पोस्‍ट के जरिये लालू ने नीतीश से पूछा कि 'नीतीश कुमार बताओ मंडल कमीशन लागू करवाने में तुम्हारा क्या रोल था...  हमने और शरद यादव ने इसके लिए संघर्ष किया और मंडल कमीशन लागू करवाने के लिए क्या-क्या किया तुम क्या जानते हो?' 

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लालू ने अपने फेसबुक पोस्‍ट में नीतीश कुमार से सवाल करते हुए कहा, 'मास बेस की बात करने वाले नीतीश कुमार ने अपनी अलग राह पकड़ने की शुरुआत ही अपनी जातीय रैली "कुर्मी चेतना रैली" से की थी. हिम्मत है तो वे इसे नकारें. मैंने तो अपने जीवन में मैंने कभी किसी यादव रैली में भाग नहीं लिया. इस 'अवसरवादी व्यक्ति' ने मंडल के दौर में भी भाजपाईयों और आरएसएस के इशारे पर अलग राह पकड़कर ओबीसी एकता और विशेषकर बिहार में दलितों और पिछड़ों की गोलबंदी को रोकने का प्रयास किया था. वह उस वक़्त सामाजिक न्याय के रथ को रोकना चाहते थे'.

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लालू ने आगे लिखा, 'मुझे कहते हैं मेरा मास बेस नहीं है, अरे मेरे मास बेस से परेशान और अतिमहत्वाकांक्षी होने के कारण ही तुम मंडल छोड़ कमंडल थाम लिए थे. बात करता है'.


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लालू के इस पोस्‍ट से साफ है कि जहां एक ओर वे नीतीश के प्रति हमलावर रुख अख्तियार किए हुए हैं, वहीं, दूसरी ओर जेडीयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव को साथ मिलाने की पूरी कोशिश में जुटे हुए हैं. इससे पहले मंगलवार को ही लालू
ने खुले तौर पर नीतीश पर जदयू नेता शरद यादव को महत्व न देने का आरोप लगाते हुए कहा कि शरद ने उन्हें (नीतीश को) 'बड़ा नेता' बनाने में काफी योगदान दिया है.

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लालू ने कहा कि उन्होंने शरद से 'वहां (जदयू) से बाहर आने और सांप्रदायिक ताकतों से देश को बचाने के लिए धर्मनिरपेक्ष दलों से हाथ मिलाने' का अनुरोध किया है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि शरद से राजद में शामिल होने का नहीं बल्कि सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बनने का अनुरोध किया गया है.



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