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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड : पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने किया सरेंडर, सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी न होने पर लगाई थी बिहार सरकार को फटकार

मुजफ्फपुर शेल्टर होम रेप कांड मामले में फरार चल रहीं बिहार सरकार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने सरेंडर कर दिया है.

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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड : पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने किया सरेंडर, सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी न होने पर लगाई थी बिहार सरकार को फटकार

मंजू वर्मा (Manju Verma) ने बेगूसराय की कोर्ट में सरेंडर कर दिया है.

खास बातें

  1. लंबे समय से फरार चल रही थीं मंजू वर्मा
  2. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई थी फटकार
  3. नीतीश सरकार में मंत्री थीं मंजू वर्मा
नई दिल्ली :

मुजफ्फपुर शेल्टर होम रेप कांड मामले में फरार चल रहीं बिहार सरकार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने सरेंडर कर दिया है. मंगलवार को उन्होंने बेगूसराय की एक कोर्ट में सरेंडर किया. तीन दिन पहले ही बिहार पुलिस (Bihar Police) ने मंजू वर्मा (Manju Verma) की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू की थी. कार्रवाई के पहले चरण में बिहार पुलिस ने उनके बेगूसराय स्थित घर को जब्त किया. मंजू वर्मा (Manju Verma) के खिलाफ मंझौल कोर्ट ने अहम फैसला देते हुए धारा 82 और धारा 83 के तहत पुलिस (Bihar Police) को कार्रवाई का आदेश जारी किया था. पुलिस ने कुछ दिन पूर्व कोर्ट से मंजू वर्मा के खिलाफ इश्तेहार और कुर्की का आदेश मांगा था. इस संबंध में मंजू वर्मा के वकील ने कोर्ट को एक लिखित आवेदन देकर मंजू वर्मा को फरार न मानते हुए उनके खिलाफ इश्तेहार और कुर्की जब्ती के आदेश पर रोक लगाने की अपील की थी. इस मामले में कोर्ट ने मंजू वर्मा के वकील की दलील को खारिज करते हुए इश्तेहार और कुर्की का आदेश जारी कर दिया था.

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आपको बता दें कि मंजू वर्मा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी नाराजगी जाहिर की थी. मंजू वर्मा की गिरफ्तारी न होने से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के  DGP को तलब किया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये चौंकाने वाली बात है कि मंजू वर्मा को तलाश नहीं किया जा सका. कोर्ट ने कहा कि कमाल है, किसी को ये नहीं पता कि पूर्व मंत्री कहां हैं. बिहार सरकार को इस मामले में जवाब देना होगा. गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में 34 लड़कियों के यौन शोषण की जांच कर रही सीबीआई ने मंजू वर्मा के चेरिया बरियारपुर थाना अंतर्गत अर्जुनटोला स्थित आवास पर बीते 17 अगस्त को छापेमारी की थी. इस दौरान उनके घर से 50 कारतूस बरामद हुए थे. इस मामले में सीबीआई के डीएसपी उमेश कुमार के आवेदन पर चेरिया बरियारपुर थाना में पूर्व मंत्री मंजू वर्मा एवं उनके पति चंद्रशेखर वर्मा के खिलाफ धारा 25(1)ए, 26 एवं 35 के तहत कांड संख्या 143/18 दर्ज की गई थी. इस मामले में चंद्रशेखर वर्मा ने 29 अक्तूबर को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन मंजू वर्मा फरार थीं. 

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कौन हैं मंजू वर्मा : 
मंजू वर्मा
 बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री थीं. उन्होंने जेडीयू के टिकट पर बेगूसराय जिले के चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता था. मुजफ्फरपुर कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर से अपने पति की निकटता की बात सामने आने पर उन्हें अगस्त में समाज कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था. पिछले दिनों उन्हें जेडीयू से निलंबित भी कर दिया गया था. जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार के मामले में 'जीरो टालरेंस' की नीति अपनाने वाली उनकी पार्टी ने गत 10 नवंबर को ही मंजू वर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था. 

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