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हाजीपुर में नाबालिग से गैंगरेप मामले में दिखी पुलिस की लापरवाही

हाजीपुर से पटना के लिए ऑटो में बैठी 16 साल की लड़की को ऑटो ड्राइवर सुनसान जगह ले गया जहां उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर लड़की के साथ गैंगरेप किया.

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हाजीपुर में नाबालिग से गैंगरेप मामले में दिखी पुलिस की लापरवाही

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना:

बिहार पुलिस की कार्यशैली पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं. ऐसा ही एक मामला है जहां एक थानेदार जांच के लिए दूसरे थानेदार के चक्कर काट रहा है. गैंगरेप जैसी बड़ी वारदात के बाद पुलिस की पोल खुली है. हाजीपुर महिला थाना की गंभीर लापरवाही देखने को मिली. रेल पुलिस अधिकारी महिला थाने के चक्कर लगाते रहे और महिला पुलिस अधिकारी नदारत दिखी. मामला था एक नाबालिग युवती के साथ ऑटो ड्राइवर द्वारा अपने साथी के साथ मिलकर गैंगरेप करने का. हाजीपुर से पटना के लिए ऑटो में बैठी 16 साल की लड़की को ऑटो ड्राइवर सुनसान जगह ले गया जहां उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर लड़की के साथ गैंगरेप किया. लड़की ने हाजीपुर स्टेशन पर रेल पुलिस को घटना की जानकारी दी तो पुलिस ने आरोपी ऑटो ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया. लड़की छपरा से पटना के लिए चली थी और हाजीपुर स्टेशन से पटना जाने के लिए ऑटो में बैठी थी. लड़की को अकेली देख ऑटो ड्राइवर ने एक साथी को ऑटो में बिठा लिया और पटना जाने की बजाय हाजीपुर में एक सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया.

लेकिन इस पूरे मामले में महिला थाने की पुलिस की भूमिका हैरान करने वाली थी. देर रात के इस पूरे घटनाक्रम में जहां रेल पुलिस ने पीड़िता के बयान पर आरोपी को गिरफ्तार किया और महिला का मेडिकल कराया, वहीं हाजीपुर महिला थाना की पुलिस की गंभीर लापरवाही दिखी. रेल थाने के एसएचओ  बार-बार फोन करने के बावजूद महिला थाना के अधिकारियों ने फोन तक नहीं उठाया. हैरान परेशान रेल थाने के अधिकारी पीड़िता को लेकर महिला थाना पहुंचे लेकिन थाने की हालत हैरान करने वाली थी. प्रभारी के कमरे पर ताला तो लटका था ही, प्रभारी और बाकी पुलिसकर्मी थाने से नदारत भी थे. थाने में एक भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आ रहा था.


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रेल थाने के प्रभारी इमरान आलम के अनुसार, चूंकि नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप जैसी गंभीर वारदात हुई है, ऐसे में महिला थाना के अधिकारियों की जांच में अनिवार्यता रहती है, मगर देर रात से कई बार थाने के चक्कर लगाने के बाद भी ना तो कोई पदाधिकारी थाने पर मिल रहा है ना ही कोई फोन तक उठा रहा है. अब थाने का हाल यह है कि एक महिला कर्मचारी मीडिया के कैमरे को देख चिल्लाते हुए भाग रही है, थाने का वायरलेस सेट लावारिस पड़ा हुआ है.

बहरहाल इस पूरे मामले में वैशाली के एसपी राकेश कुमार ने कहा है कि रेल थाने की पुलिस को लिखित शिकायत देने को कहा गया है, इसके बाद कार्रवाई की जाएगी. लेकिन सवाल ये है कि जब एक पुलिस अधिकारी थाने का चक्कर लगाने को मजबूर हो रहा है तो ऐसे में आम आदमी का क्या होता होगा.



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