NDTV Khabar

कथा वाचक की भूमिका में आए नीतीश कुमार, गांधी कथा का किया वाचन

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को कई भूमिका में दिखे, उन्होंने गांधी का कथा वाचन भी किया, सत्य और कटु बातें भी कहिं और सर्वोच्य न्यायालय के बाल विवाह पर आए फैसले से काफी खुश दिखे.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
कथा वाचक की भूमिका में आए नीतीश कुमार, गांधी कथा का किया वाचन

गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने बापू कथा का वाचन कर उपदेश दिए

खास बातें

  1. बिहार में 'गांधी कथा वाचन और बापू आपके द्वार' कार्यक्रम का शुभारंभ
  2. नीतीश ने कहा- गांधीजी के विचारों से ही समाज में परिवर्तन ला सकते हैं
  3. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर किया भोजन
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को कई भूमिका में दिखे, उन्होंने गांधी का कथा वाचन भी किया, सत्य और कटु बातें भी कहिं और सर्वोच्य न्यायालय के बाल विवाह पर आए फैसले से काफी खुश दिखे. इससे उम्मीद है कि तत्काल उनके बाल विवाह के खिलाफ अभियान को एक कानूनी आधार  मिल जाएगा बल्कि इस अभियान को वो चुस्ती से लागू करा पाएंगे. नीतीश आज बच्चों के साथ मिलकर जमीन पर बैठ कर खाना भी खाया. 
 
महात्मा गांधी के संदेशों को जन-जन तक ले जाने के लिए बिहार सरकार ने कार्यक्रम की शुरूआत की है. पटना के ज्ञान भवन में जेपी जयंती पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 'गांधी कथा वाचन और बापू आपके द्वार' कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस मौके पर लोगों को सम्बोधित करते हुए गांधी के चंपारण आगमन की बातें कहिं. उन्होंने कहा कि 200 सालों तक हमारा देश गुलामी का दंश झेलता रहा. बिहार के चंपारण के किसान परेशान थे, किसानों पर तरह-तरह के टैक्स लगाए जाते थे, तब राजकुमार शुक्ल के बुलावे पर 10 अप्रैल, 1917 को गांधीजी बिहार के चम्पारण आये थे और चम्पारण सत्याग्रह के द्वारा देश की आजादी की नींव डाली और उसके 30 साल बाद देश को आजादी मिली. 

यह भी पढ़ें: नीतीश कुमार ने कहा, समाजवादी कभी भ्रष्टाचार और परिवारवाद के साथ नहीं हो सकता

नीतीश ने कहा कि गांधीजी के विचारों से ही समाज में परिवर्तन ला सकते हैं, इसलिए बिहार के प्रत्येक स्कूल में गांधी जी पर कथावाचन कार्यक्रम चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि गांधीजी ने जो कहा है उसका अनुपालन कीजिए और जो कुछ किया है उससे सबक सीखिए. 

यह भी पढ़ें: बिहार में नीतीश कुमार की मुहिम ला रही है रंग, कई दूल्हे पहुंचे जेल, जानें क्या है मामला

इस कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से कई सैकड़ों स्कूली बच्चे आए, जिनके साथ नीतीश ने जमीन पर बैठकर खाना खाया और छात्रों को गांधी के चम्पारण यात्रा की कहानी सुनाई. उन्होंने बच्चों से कहा कि हम समाज में तभी परिवर्तन ला सकते हैं जब एक दूसरे के साथ बिना भेदभाव के रहें. 
 
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भी काफी खुश दिखे. बाल विवाह मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि बाल विवाह अपराध है. 15 से 18 साल की लड़की के साथ अगर उसका पति संबंध बनाता है तो उसे रेप माना जाय, साथ ही उस पर पॉस्को एक्ट के तहत कारवाई की जाए. इस फैसले का नीतीश ने स्वागत किया है और उनको लगता है कि बिहार में बाल विवाह के खिलाफ अभियान को क़ानूनी मान्यता मिल जाएगी और इस अभियान को वे शक्ति से लागू करा पाएंगे.  


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement