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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने विरोधियों पर लगाया दंगा कराने का आरोप

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि विरोधी दल राज्य की शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश में लगे हुए हैं.

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने विरोधियों पर लगाया दंगा कराने का आरोप

नीतीश कुमार ने आरोप लगाया है कि विरोध दल राज्य में दंगा कराने की फिराक में हैं (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. नीतीश कुमार ने विरोधियों पर लगाए दंगा कराने के आरोप
  2. प्रशासन की चुस्ती से नाकाम हुईं दंगा कराने की कोशिशें
  3. मुख्यमंत्री ने नोटबंदी और जीएसटी को बताया देशहित में
पटना: नीतीश ने माना की राज्य में दंगा कराने की कोशिश बहुत हुई, मगर सरकार एवं प्रसासन के लोग सचेत थे और सामाजिक एवं राजनीतिक लोग भी मुस्तैद थे जिसके कारण बिहार में एक जगह भी दंगा नहीं हुआ. इस साल दुर्गा पूजा एवं मुहर्रम में बिहार के विभिन्न जिलों में हुए तनाव के जबाव में ये बातें कहीं.
 
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के संवाद कार्यक्रम में कहा कि हर संप्रदाय में कुछ सिरफ़िरे लोग रहते हैं जो झगड़ा-झंझट व मार-काट में विश्वास रखते हैं.  गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की तुलना करते हुए कहा कि अहिंसा के सहारे जिन्होंने देश को आजाद कराया उन पर भी अटैक किया गया और उनकी हत्या की गई, तो ऐसे असामाजिक तत्व हर धर्म और संप्रदाय में रहते हैं.

पढ़ें: नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसले देश के विकास में सहायक: नीतीश कुमार

उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे लोग रहते हैं, इससे इंकार नहीं किया जा सकता है लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि शासन ने जिस तरह लोगों में जागरूकता लाने का काम किया, उसका परिणाम है कि एक भी जगह दंगा नहीं हुआ, हालांकि कोशिश बहुत हुई और एक बार नहीं अनेक बार.

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नीतीश पत्रकारों के जवाब में अपने विरोधियों पर अक्रामक दिखे. बीजेपी के साथ सत्ता संभालते ही बिहार में बकरीद का पहला पर्व था, इस बीच अल्पसंख्यक समुदाय के मन में भ्रम पैदा किया गया कि इस बार कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन बहुत ही अच्छे से परम्परा के मुताबिक लोगों ने पर्व को मनाया.  विरोधी जब यहां पर मात खा गए तो देखा की इस बार दशहरा और मुहर्रम दोनों आगे-पीछे हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था.

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नीतीश ने अपने विरोधियों को सुझाव देते हुए कहा कि किसी भी धर्म संप्रदाय का पर्व हो लोगों को अपनी आस्था के मुताबिक अपना-अपना काम करना चाहिए, दूसरे की आस्था में हस्तछेप नहीं करना चाहिए.  


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