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नीतीश कुमार ने इस वजह से प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना ख़ारिज की

राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक में नई 'बिहार राज्य फ़सल सहायता योजना' को मंज़ूरी दी

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नीतीश कुमार ने इस वजह से प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना ख़ारिज की

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार.

खास बातें

  1. अब किसानों को एक भी पैसा प्रीमियम के नाम पर नहीं देना होगा
  2. उपज 20 प्रतिशत तक कमी होने पर प्रति हेक्टेयर 7500 रुपये मिलेंगे
  3. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का हमेशा विरोध करते रहे नीतीश
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश के उन गिने चुने नेताओं में से एक हैं जो पहले दिन से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का हर फ़ोरम में विरोध कर रहे हैं. मंगलवार को बिहार सरकार ने विधिवत रूप से इस बीमा योजना को ख़ारिज करते हुए एक नई बिहार राज्य फ़सल सहायता योजना को मंज़ूरी दी.

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कैबिनेट की बैठक के बाद बताया गया कि इससे पूर्व 2016 में जहां बिहार ने 495 करोड़ का प्रीमियम दिया वहीं राज्य के किसानों को मात्र 221 करोड़ की राशि दी गई. उल्लेखनीय है कि वर्तमान में बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं.

क्‍या है नीतीश कुमार की फयल बीमा योजना 

वर्तमान में केंद्र की योजना का मुख्य लाभ किसानों से ज़्यादा बीमा कम्पनियों को होता है. केंद्र की योजना में जहां राज्य और केंद्र को 49-49 प्रतिशत राशि का वहन करना होती है. वहीं बाकी की दो प्रतिशत राशि किसानों से ली जाती है. लेकिन बिहार सरकार की नई योजना में किसानों को एक भी पैसा प्रीमियम के नाम पर नहीं देना होगा. बिहार सरकार की नई योजना इस वर्ष की ख़रीफ़ फ़सल के सीजन से लागू हो जाएगी. इसके तहत वास्तविक उपज में 20 प्रतिशत तक की कमी होने पर प्रति हेक्टेयर 7500 रुपये की राशि दी जाएगी. इसके अलावा दो हेक्टेयर तक पंद्रह हज़ार रुपये तक दिए जाएंगे और वास्तविक उपज में बीस प्रतिशत से अधिक कमी आने पर दस हज़ार रुपये प्रति हेक्टेयर और अधिकतम बीस हज़ार तक दिए जाएंगे.

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क्‍या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की भुगतान की जाने वाली प्रीमियम (किस्तों) दरों को किसानों की सुविधा के लिये बहुत कम रखा गया है ताकि सभी स्तर के किसान आसानी से फसल बीमा का लाभ ले सकें. इसके अन्तर्गत सभी प्रकार की फसलों (रबी, खरीफ, वाणिज्यिक और बागवानी की फसलें) को शामिल किया गया है। खरीफ (धान या चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, गन्ना आदि) की फसलों के लिये 2% प्रीमियम का भुगतान किया जायेगा. रबी (गेंहूँ, जौ, चना, मसूर, सरसों आदि) की फसल के लिये 1.5% प्रीमियम का भुगतान किया जायेगा. वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलों बीमा के लिये 5% प्रीमियम का भुगतान किया जायेगा.


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