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नीतीश कुमार ने कैबिनेट विस्तार में साधा अपने कोर वोटर को, बीजेपी को भी दिया संदेश

अगर में जातीय समीकरण देखें तो नीतीश ने एक बार फिर अति पिछड़ी जाति के महादलित और अगड़ी जाति के लोगों को दो सीटें दीं. वहीं यादव जाति और कुशवाहा जाति के लोगों को एक-एक स्थान मिला है. 

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नीतीश कुमार ने कैबिनेट विस्तार में साधा अपने कोर वोटर को, बीजेपी को भी दिया संदेश

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट का विस्तार किया है

खास बातें

  1. बिहार में कैबिनेट का विस्तार
  2. नीतीश कुमार ने साधे कोर वोटर
  3. बीजेपी को दिया संदेश
पटना:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल में रविवार को जिन आठ लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल कराया गया है उसमें सभी जनता दल यूनाइटेड के या तो विधायक हैं या विधान परिषद के सदस्य हैं. मंत्रिमंडल के इस विस्तार में कुछ पुराने चेहरे जैसे नरेंद्र नारायण यादव, श्याम रजक, अशोक चौधरी और बीमा भारती को फिर से मंत्री पद मिला वही नए चेहरों में 2 दिन पहले ही विधान परिषद सदस्य चुने गए संजय झा, पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार लक्षमेंश्वर राय और राम बालक सिंह को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया. अगर में जातीय समीकरण देखें तो नीतीश ने एक बार फिर अति पिछड़ी जाति के महादलित और अगड़ी जाति के लोगों को दो सीटें दीं. वहीं यादव जाति और कुशवाहा जाति के लोगों को एक-एक स्थान मिला है. 

PM मोदी के कैबिनेट में शामिल न होकर, अब नीतीश कुमार ने बिना BJP के किया खुद के मंत्रिमंडल का विस्तार


हालांकि BJP के कोटे से अभी भी एक स्थान ख़ाली है लेकिन पार्टी की ओर से किसी ने शपथ नहीं ली और इस पर ख़ुद उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्वीट कर सफ़ाई दी. उन्होंने कहा कि एक पद के लिए ऑफर दिया गया था लेकिन हम इस पर भविष्य में फैसला करेंगे. इस शपथ ग्रहण समारोह की ख़ास बात यह रही कि जहां BJP के मंत्रिमंडल में सभी सदस्य मौजूद थे वहीं लोक जनशक्ति पार्टी से अब सांसद बने पशुपति कुमार पारस भी दिखे. लेकिन सबसे ज़्यादा चौंकाने वाली उपस्थिति आरजेडी नेता रामचंद्र पूर्वे और वरिष्ठ विधायक ललित यादव की रही मानी जा रही है. हालांकि ये दोनों पार्टी के शीर्ष नेताओं से बिना पूछे तो नहीं आएंगे, इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं. 

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बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे अपने मंत्रिमंडल का विस्‍तार​

दूसरी ओर माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपने आनुपातिक प्रतिनिधित्व के हिसाब से जगह न मिलने के बाद नाराज़ नीतीश कुमार ने इस मंत्रिमंडल के विस्तार में आठ लोगों को शामिल कर BJP को संदेश दिया है कि अगर वह अपने सहयोगी की इज़्ज़त नहीं करते हैं तो वो अब विधानसभा चुनावों के लिए अपनी तैयारी करने के लिए स्वतंत्र हैं. नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्रिमंडल में बिहार से छह में से चार अगड़ी जाति के लोगों को मंत्री पद मिलने से संतुष्ट नहीं हैं. वही अपने मंत्रिमंडल के विस्तार में 75 प्रतिशत भागीदारी उन्होंने अपने कोर वोट बैंक अति पिछड़ा माह दलित और पिछड़ी जाति के लोगों को दिया.
 



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