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नीतीश कुमार ने दिया लालू की टिप्पणी पर जवाब, कहा- मैं मर्यादा का उल्लंघन नहीं करूंगा...

नीतीश ने आज कहा कि मैं मर्यादा का उल्लंघन नहीं करूंगा. भागलपुर में जो हुआ, वह आत्मघाती नुक्कड़ नाटक है.

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नीतीश कुमार ने दिया लालू की टिप्पणी पर जवाब, कहा- मैं मर्यादा का उल्लंघन नहीं करूंगा...

नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. नीतीश ने आज कहा कि मैं मर्यादा का उल्लंघन नहीं करूंगा
  2. नीतीश बोले, भागलपुर में जो हुआ, वह आत्मघाती नुक्कड़ नाटक है
  3. नीतीश कुमार पर की गई थी टिप्पणी
पटना: क्या बिहार में नेताओं के भाषा का पतन होता जा रहा है? यह सवाल रविवार को भागलपुर में राष्ठ्रीय जनता दल द्वारा आयोजित सृजन घोटाले की रैली के बाद किया जा रहा हैं. इस रैली में वह चाहे नीतीश कुमार सरकार में पूर्व मंत्री, तेजप्रताप यादव हो या उनके पिता लालू यादव उनके पार्टी के समर्थक भी मानने से नहीं हिचक रहे हैं कि अब राजनीतिक मर्यादा की सीमा लांघी जा रही है.  

पढ़ें- JDU के BJP के साथ चले जाने के बाद नीतीश और शरद यादव की लड़ाई पार्टी पर दावे तक पहुंची

भागलपुर में सबसे पहले तेजप्रताप यादव ने अपने भाषण में कहा कि सोशल मीडिया में मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार के फोटो को देखकर लगता है जैसे वह गर्भवती महिला हो और सुशील मोदी पर भी वैसे ही आपत्तिजनक उदाहरण दिया. नीतीश ने आज कहा कि मैं मर्यादा का उल्लंघन नहीं करूंगा. भागलपुर में जो हुआ, वह आत्मघाती नुक्कड़ नाटक है. मेरे बारे में जो बातें बोली गयीं उसके बारे में उनको आने वाले दिनों में पता चल जाएगा.

उन्होंने एक नहीं कई बार नीतीश कुमार की भागलपुर यात्रा को लेके ऐसे सवाल किये जो निजी बातचीत में भी लोग दबी जुबान से चर्चा करते हैं. लालू ने कहा कि आखिर जब नीतीश भागलपुर आते हैं तब वे अपने मित्रों के घर क्यों रात्रि प्रवास करते हैं. इसके अलावा भागलपुर में ही स्थित एक नेचुरोपैथी सेंटर को राज्य सरकार द्वारा दिए गए 50 करोड़ के अनुदान पर भी उन्होंने आपत्ति जताई.

हालांकि इस नेचुरोपैथी सेंटर के संचालक जेठा सिंह का कहना हैं कि ये केंद्र लोक नायक जयप्रकाश नारायण द्वारा स्थापित हैं और इसके लिए अनुदान राज्य सरकार ने इसके कार्यकलाप के आधार पर दिया हैं. वही जनता दल यूनाइटेड के बिहार इकाई के अध्यक्ष वशिष्ट नारायण सिंह का कहना हैं कि लालू यादव जिस तरह नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे हैं वो यही साबित करता है कि उनके पास राजनीतिक मुद्दा अब बचा नहीं हैं और चरित्र हनन पर उतर आये हैं.
 
वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि इस स्तर तक लालू यादव ही गिर सकते हैं. वहीं राष्ट्रीय जनता दल के उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी मानते हैं कि चिंताजनक स्थिति हैं. लेकिन इसके लिए लालू यादव और तेजप्रताप यादव को मात्र जिम्मेवार ठहराकर आप पूरी समस्या का निदान नहीं ढूंढ लेंगे. तिवारी का कहना हैं कि प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी और उनके पार्टी के लोग अल्प्संख्यक समुदाय के लोगो के प्रति किस भाषा का इस्तेमाल करते हैं. खुद मोदी ने यहां तक कह डाला था कि नीतीश का डीएनए ख़राब हैं लेकिन नीतीश अपने राजनीतिक स्वार्थो में फिर उसी मोदी की शरण में चले गए. जहां तक भाषा कि आक्रामकता का सवाल हैं तो वह राजनीति हो या मीडिया सब जगह अब लोग हिंसक भाषा का प्रयोग जानबूझकर अपने विरोधियों को उत्तेजित करने के लिए कर रहे हैं.

इससे पूर्व भी लालू यादव ने एक बार नीतीश कुमार को दोगला कहा था और पिछले हफ्ते मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कहा था कि नीतीश की हालत दो नाव पर सवारी करने वाले की तरह हो गयी है.हालांकि नीतीश ने पिछले  सोमवार को अपने ऊपर हो रही भाषा के सितमल पर कहा था कि उनके लिए जैसी भाषा का इस्तेमाल हो रहा हैं वह खुद स्तब्ध हैं. हालांकि नीतीश की तरफ से उनके पार्टी के प्रवक्ता भी अब आक्रामक हुए हैं और उनके तरफ से भी खूब खुल कर भाषा  प्रयोग में कोई बंदिश नहीं होती.  

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हालांकि कुछ वर्ष पूर्व छपरा के एक चुनावी सभा में ऐसे ही आपत्तिजनक भाषण के बाद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर अब नीतीश मंत्रिमंडल में मंत्री लल्लन सिंह ने एक मानहानि का मुक़दमा किया था जिसमें राबड़ी देवी को कोर्ट में गवाही देनी पड़ी थी लेकिन बाद में गठबंधन होने के बाद लालू यादव के आग्रह पर लल्लन सिंह ने इस मुकदमा को वापस ले लिया था लेकिन भाषा में जैसे जैसे मर्यादा टूट रही हैं वैसे में एक बार फिर बिहार के राजनेता कोर्ट में एक दूसरे के खिलाफ मानहानि का मुक़दमा करे तो कोई आश्चर्य नहीं. 


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