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बिहार स्कूल बोर्ड की क्या हालत थी किसी से छिपी नहीं, कैसे-कैसे लोग टॉप करते थे देखकर शर्म आती थी : नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने माना कि अपने राज्य के फ़र्ज़ी टॉपर को मीडिया ख़ासकर TV पर देखकर उन्हें भी शर्म आती थी. नीतीश कुमार ने शिक्षक दिवस पर एक समारोह में कहा कि आज से दो साल पहले बिहार स्कूल बोर्ड की क्या हालत थी वो किसी से छिपी नहीं है.

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बिहार स्कूल बोर्ड की क्या हालत थी किसी से छिपी नहीं, कैसे-कैसे लोग टॉप करते थे देखकर शर्म आती थी : नीतीश कुमार

फाइल फोटो

पटना:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने माना कि अपने राज्य के फ़र्ज़ी टॉपर को मीडिया ख़ासकर TV पर देखकर उन्हें भी शर्म आती थी. नीतीश कुमार ने शिक्षक दिवस पर एक समारोह में कहा कि आज से दो साल पहले बिहार स्कूल बोर्ड की क्या हालत थी वो किसी से छिपी नहीं है. कैसे-कैसे लोग टॉप करते थे जिन्हें देखकर शर्म आती थी. नीतीश ने कहा कि अब बोर्ड को चुस्त-दुरुस्त किया गया है और अब कोई गड़बड़ी नहीं होती है. नीतीश ने बिहार में शिक्षा व्यवस्था के संदर्भ में माना कि गुणवत्ता पर ध्यान देना है. लेकिन उन्होंने कहा कि ये पूरे विश्व की समस्या है. राज्य में जितना हो सकता हैं 'उन्नयन योजना' के तहत सुधार किया जा रहा है.

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शिक्षा दिवस के कार्यक्रम में नीतीश ने आंदोलन कर रहे हैं शिक्षकों को कहा कि आपको जितना विरोध करना है कीजिए जितनी मांग करना है करिए कोई दिक्कत नहीं हैं लेकिन जो मूल दायित्व हैं उनको भूलना नहीं चाहिए. नीतीश ने यह भी कहा कि मेरे ख़िलाफ़ जितना नारा लगाना है लगाएं लेकिन याद रखिएगा जो भी करेंगे हम लोग ही करेंगे. उसके बाद उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि जितना संभव हैं उतना वो करेंगे. इस कार्यक्रम में समान वेतनमान की मांग करने वाले शिक्षकों को नीतीश ने कहा कि आपने सर्वोच्च न्यायालय में से एक वकील रखा लेकिन देखिए क्या फ़ैसला आया. इसलिए पढ़ाने की ओर ध्यान दीजिए और अगर उस पर ध्यान नहीं दीजिएगा तो तकलीफ़ होगी फिर उन्होंने कहा, पढ़ाते रहियेगा और मांग कीजिएगा तो ध्यान देंगे क्योंकि करना तो हम ही लोग को है. 

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नीतीश के भाषण से साफ़ दिखा कि उन्हें शिक्षकों के आंदोलन की कोई परवाह नहीं । लेकिन उनकी माँगो को मानने में भी उन्हें कोई दिक्कत नहीं. लेकिन अपनी शर्तें मनवाने के लिए उन्हें भी नीतीश कुमार के छात्र छात्राओं को निष्ठा से पढ़ाने की इच्छा को पूरी करनी होगी. 

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