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नीतीश कुमार ने लोगों के ईमान को बेच दिया, उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ेगा : शरद यादव

जेडीयू के बागी नेता शरद यादव ने बिहार के बेगूसराय में की जनसंवाद कार्यक्रम की शुरुआत, पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार पर लगाए आरोप

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नीतीश कुमार ने लोगों के ईमान को बेच दिया, उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ेगा : शरद यादव

शरद यादव ने बिहार के बेगूसराय में जनसंवाद कार्यक्रम की शुरुआत की.

बेगूसराय:

जदयू के बागी नेता शरद यादव ने रविवार को कहा कि नीतीश कुमार ने लोगों के ईमान को बेच दिया. उन्होंने जनता के साथ विश्वासघात किया है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा. यादव ने अपने तीन दिवसीय जनसंवाद कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए बेगूसराय जिले में यह बात कही. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा.

बेगूसराय जिला मुख्यालय स्थित एक होटल में आयोजित एक जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान शरद ने कहा कि बिहार की जनता ने महागठबंधन (जदयू—राजद—कांग्रेस) को पांच साल तक सरकार चलाने के लिए अपना वोट दिया था. उन्होंने कहा वह जनता का वोट नहीं बल्कि ईमान था. लोगों के ईमान को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेच दिया. उन्होंने जनता के साथ विश्वासघात किया है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा.

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जदयू के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘बिहार में हमने कांग्रेस व राजद के साथ महागठबंधन बनाया था. जिस पर बिहार की 11 करोड़ की जनता ने मुहर लगाई. जनता ने पांच साल के लिए यह जनादेश दिया था. परंतु नीतीश कुमार ने महज एक-डेढ़ साल में ही गठबंधन को तोड़ दिया.’’ उन्होंने कहा कि जनता ने जिसे विपक्ष में बैठने को कहा था, आज नीतीश कुमार की मनमानी के कारण वे लोग सत्ता व मंत्रिमंडल में शामिल हैं.

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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि ‘‘केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जनता के साथ जो वादा किया था, वह आज तक पूरा नहीं हो पाया है. न तो नौजवानों को रोजगार मिला और न ही किसान व मजदूरों को उनका हक मिल पा रहा है.’’ उन्होंने कहा कि कालाधन के 15-15 लाख रुपये आज तक केंद्र की इस सरकार ने गरीबों के खाते में नहीं भेजा है. रद ने आरोप लगाया कि आज पूरे देश की हालत खराब है और इसे ठीक करने के लिए हम साझी विरासत कार्यक्रम चला रहे हैं. हमारा प्रयास विपक्ष में रहने वाले देश के 22 दलों को साथ लाने का है.
(इनपुट भाषा से)



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