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2 साल के भीतर ही शराबबंदी पर नरम हुए नीतीश कुमार, अब गाड़ी-संपत्ति नहीं होगी जब्त, पहली बार में जेल नहीं!

सूत्रों ने यह भी कहा कि अगर कोई शराब पीने वाला व्यक्ति कैंपस या परिसर में पाया जाता है, जो घर और गाड़ी को जब्त नहीं किया जाएगा.

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2 साल के भीतर ही शराबबंदी पर नरम हुए नीतीश कुमार, अब गाड़ी-संपत्ति नहीं होगी जब्त, पहली बार में जेल नहीं!

बिहार के सीएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. शराबबंदी कानून में होगा बड़ा बदलाव.
  2. अब पहली बार पकड़े जाने पर जेल नहीं होगा.
  3. नीतीश सरकार नरम बनाएगी कानून.
पटना: शराब को लेकर अक्सर कड़ा रूख अपनाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य में शराबबंदी के कानून में ढील देने के लिए तैयार दिख रहे हैं. बिहार राज्य मंत्रिपरिषद ने बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 में संशोधन विधेयक 2018 सहित तीन अन्य संशोधन विधेयकों को विधानमंडल सत्र में पेश किए जाने को बुधवार को मंजूरी दे दी है. संशोधन विधेयक में शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए मौजूदा सजा के प्रावधान में बदलाव कर उसे कम किए जाने की बात कही गई है. हालांकि, राज्य सरकार के इस नये कदम से उनके आलोंचकों को बल जरूर मिल जाएगा, जो अक्सर यह कह कर नीतीश कुमार की आलोचना करते रहते हैं कि बिबार में शराब पर बैन असफल रहा है. 

बुधवार की बैठक के बाद सूत्रों ने कहा कि नीतीश कुमार की कैबिनेट ने कठोर शराबबंदी के कड़े प्रावधानों में को कम किया है. जैसे किसी कैंपस में शराब की बोतल मिलने पर उसे सील कर दिया जाता था, मगर अब ऐसा नहीं होगा. 

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मंत्रिपरिषद की बैठक में शराबबंदी कानून में संशोधन का प्रस्ताव मंजूर किया गया, जिसके तहत अब शराब बरामदगी के बाद घर, वाहन और जमीन को जब्त नहीं किया जाएगा. इससे पहले कानून में है कि जहां से शराब की बोतल पाई जाती थी, उसे पूरी तरह से सील कर दिया जाता था. 

सूत्रों ने यह भी कहा कि अगर कोई शराब पीने वाला व्यक्ति कैंपस या परिसर में पाया जाता है, जो घर और गाड़ी को जब्त नहीं किया जाएगा. इसके अलावे भी बिहार राज्य मद्य निषेध संशोधन विधेयक में संशोधन द्वारा सजा के कई सख्त प्रावधानों को लचीला किया जाएगा. 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 37 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. बिहार सरकार शराब बंदी कानून में संशोधन विधेयक अगले मॉनसून सत्र में विधानसभा में पेश करेगी. 

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गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई मौकों पर सार्वजनिक मंचों से यह घोषणा की थी कि राज्य के शराबबंदी कानून में जल्द संशोधन किया जाएगा. सीएम नीतीश ने कहा था कि शराबबंदी कानून का कई स्थानों पर दुरुपयोग की शिकायतें मिल रही है. उल्लेखनीय है कि दो वर्ष पूर्व यानी अप्रैल 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है. 

बिहार के महाधिवक्ता ललित किशोर ने मीडिया के एक वर्ग से बातचीत करते हुए बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 में संशोधन विधेयक 2018 के बारे में आज बताया कि पहले शराब के उत्पादनकर्ता, परिवहनकर्ता, विक्रेता के लिए दस साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान था, को अब दो स्लैब में किया गया है.उन्होंने बताया कि पहली बार यह जुर्म करने वाले को उन्हें कम से कम पांच के कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है व उसके बाद भी वही जुर्म करते हैं तो उनके लिए दस साल के कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है.  

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बिहार के महाधिवक्ता किशोर ने बताया कि शराब पीने वाले के लिए पहले पांच साल के कारावास की सजा थी पर अब पहली बार यह जुर्म करने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना और जुर्माना नहीं भरने पर तीन महीने के कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है. (इनपुट एजेंसी से) 

VIDEO: बिहार में शराबबंदी कानून में संशोधन होगा


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