जीएसटी के मोर्चे पर बिहार से कुछ अच्छी खबर नहीं

उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने माना कि जहां जीएसटी लागू होने के पहले महीने में 72 प्रतिशत व्यापारियों ने रिटर्न दाखिल किए, वहीं सितंबर में मात्र 41 प्रतिशत व्यापारियों ने रिटर्न भरे.

जीएसटी के मोर्चे पर बिहार से कुछ अच्छी खबर नहीं

जीएसटी से जुड़ी परेशानियों को लेकर व्यापारियों के साथ बैठक करते डिप्टी सीएम सुशील मोदी

पटना:

भले ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी जीएसटी के सबसे मुखर समर्थक हों, लेकिन उनके अपने राज्य में इससे जुड़ी खबर कुछ अच्छी नहीं है. उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने माना कि जहां जीएसटी लागू होने के पहले महीने में 72  प्रतिशत व्यापारियों ने रिटर्न दाखिल किए, वहीं सितंबर में मात्र 41 प्रतिशत व्यापारियों ने रिटर्न भरे. सुशील मोदी बुधवार को पटना में जीएसटी नेटवर्क में आ रही दिक्कतों पर राज्य के सभी जिलों से दो-दो व्यापारियों और विभिन्न उद्यमी संगठनों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.

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सुशील मोदी ने माना कि राज्य के 1  लाख 75 हजार करदाताओं में से जहां जुलाई महीने में 1 लाख 35 हजार ने रिटर्न दाखिल किए, वहीं अगले महीने में मात्र 55  प्रतिशत और सितंबर में 41 प्रतिशत व्यापारियों ने ही रिटर्न दाखिल किए. मोदी ने पिछले महीने का कोई डाटा नहीं दिया. हालांकि उन्होंने व्यापारियों की शिकायत सुनने के बाद भरोसा दिया कि कम्पोजिट स्कीम के तहत व्यापारियों के टर्न ओवर की सीमा डेढ़ करोड़ की जा सकती है. इसके अलावा डेढ़ करोड़ तक एडवांस रिसीट पर बिक्री के समय ही कर देना होगा. उन्होंने कहा कि फिलहाल अगले साल मार्च तक रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को स्थगित कर दिया गया है.

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निश्चित रूप से व्यापारियों में जीएसटी के मुद्दे पर असंतोष सरकार के लिए एक चिंता का कारण है. फिलहाल इनका प्रयास है कि अधिक से अधिक फीडबैक पर कार्रवाई कर उनके असंतोष को कम किया जाए.

 
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