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हमसे तो किसी ने सीटों के बंटवारे पर बातचीत ही नहीं की : चिराग पासवान

लोक जनशक्ति पार्टी ने कहा कि उनसे बीजेपी ने सीटों के बंटवारे पर औपचारिक रूप से बातचीत शुरू भी नहीं की

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हमसे तो किसी ने सीटों के बंटवारे पर बातचीत ही नहीं की : चिराग पासवान

चिराग पासवान ने कहा है कि एनडीए में बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे पर उनसे किसी ने कोई बात नहीं की.

खास बातें

  1. चिराग पासवान ने कहा- सीटों का बंटवारा कैसे फाइनल हो गया, समझ से परे
  2. पार्टी की राजनीतिक हैसियत बढ़ी इसलिए सीटों की संख्या भी बढ़े : लोजपा
  3. जेडीयू ने कहा- बीजेपी जितनी सीटों पर लड़ेगी उतनी ही सीटें उसे चाहिए
पटना:

बिहार में ज्यादा सीटों के बंटवारे पर मंगलवार को जहां जनता दल यूनाइटेड ने एक बार फिर दोहराया कि BJP जितनी सीटों पर लड़ेगी उतनी ही सीटें जनता दल यूनाइटेड के खाते में भी आएंगी और लोक जनशक्ति पार्टी ने  कहा कि उनके साथ तो BJP ने सीटों के बंटवारे पर बातचीत औपचारिक रूप से शुरू भी नहीं की है.

लोक जनशक्ति पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा है कि BJP महासचिव भूपेंद्र यादव से उनकी अनौपचारिक बातचीत होती रहती है लेकिन बिहार में सीटों के बंटवारे पर अभी तक जब औपचारिक रूप से बात नहीं हुई है तो सीटों का बंटवारा कैसे और कहां फाइनल हो गया, उनकी समझ से परे है. चिराग पासवान दरअसल मीडिया में सीटों के बंटवारे में उनकी पार्टी को पांच सीट दिए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे.

यह भी पढ़ें : बिहार एनडीए में सीटों के बंटवारे पर बनी सहमति, जेडीयू की सीटें बढ़ने की संभावना


चिराग का कहना है कि इस बात में कोई शक नहीं कि हर सहयोगी को नीतीश जी की जनता दल यूनाइटेड के आने के बाद पिछली लोकसभा में मिली सीटों को कम करना होगा. लेकिन इसका क्या फ़ॉर्मूला होगा इसके बारे में किसी ने कोई बातचीत अभी तक उनके साथ नहीं की है. वहीं पटना में उनके चाचा और अब बिहार सरकार में मंत्री पशुपति कुमार पारस का कहना है कि पिछले लोकसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी की राजनीतिक हैसियत बढ़ी है इसलिए सीटों की संख्या में भी इज़ाफ़ा होना चाहिए. लेकिन पारस के पास इस बात का कोई जवाब नहीं था कि आख़िर उनकी पार्टी जो लोकसभा चुनावों में छह सीटों पर विजयी हुई थी विधानसभा चुनाव में मात्र दो ही सीटें क्यों जीत पाई.

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इधर जनता दल यूनाइटेड  का कहना है कि भले मीडिया में जो भी रिपोर्ट आए लेकिन 2019 में भाजपा और जनता दल यूनाइटेड समान सीटों पर लड़ेंगी, वह संख्या कम नहीं होगी और सहयोगियों की संख्या के मद्देनज़र सत्तर-सत्तर की संख्या तार्किक और उचित दिखती है. पार्टी को उम्मीद है कि इस सप्ताह के अंत तक BJP सीटों की असल संख्या के बारे में औपचारिक रूप से घोषणा करेगी.



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