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लालू यादव ने कहा, इस्‍तीफा नहीं देंगे उपमुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी, लेकिन...

लालू के कटाक्ष का अर्थ है कि यदि बिहार सरकार का भविष्य तेजस्वी के इस्तीफे पर ही निर्भर है, तो वह यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनके बेटे उपमुख्यमंत्री के रूप में इस्तीफा दे दें.

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लालू यादव ने कहा, इस्‍तीफा नहीं देंगे उपमुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी, लेकिन...

लालू प्रसाद यादव के साथ नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. नीतीश कुमार ने तेजस्वी को एक समयसीमा में अपना रुख साफ करने को कहा था
  2. लालू ने कहा - केंद्र सरकार सीबीआई की आड़ में अपने हित साध रही है
  3. CBI का लालू पर रेल मंत्री रहते हुए 3 एकड़ जमीन हासिल करने का आरोप
पटना: लालू परिवार पर सीबीआई के छापों के बाद से विपक्ष के निशाने पर आए तेजस्वी यादव के मामले में चुप्पी तोड़ते हुए लालू प्रसाद यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पलटवार करते हुए कहा कि वे बीजेपी और उसकी तरह मानसिकता वाले लोगों पर कोई एहसान नहीं करेंगे, जो तेजस्वी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. हालांकि लालू प्रसाद ने भी कहा कि वे बिहार के महागठबंधन पर कोई संकट नहीं आने देंगे.

लालू के कटाक्ष का अर्थ है कि यदि बिहार सरकार का भविष्य तेजस्वी के इस्तीफे पर ही निर्भर है, तो वह यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनके बेटे उपमुख्यमंत्री के रूप में इस्तीफा दे दें. क्योंकि नीतीश को लेकर उनकी राय बन रही है कि नीतीश कुमार बीजेपी की तरह सोच रहे हैं.

लालू परिवार पर सीबीआई के छापों के बाद से विपक्ष के निशाने पर आए तेजस्वी यादव के मामले में चुप्पी तोड़ते हुए लालू प्रसाद यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पलटवार करते हुए कहा कि वे बीजेपी और उसकी तरह मानसिकता वाले लोगों पर कोई एहसान नहीं करेंगे, जो तेजस्वी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. हालांकि लालू प्रसाद ने भी कहा कि वे बिहार के महागठबंधन पर कोई संकट नहीं आने देंगे.

लालू के कटाक्ष का अर्थ है कि यदि बिहार सरकार का भविष्य तेजस्वी के इस्तीफे पर ही निर्भर है, तो वह यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनके बेटे उपमुख्यमंत्री के रूप में इस्तीफा दे दें. क्योंकि नीतीश को लेकर उनकी राय बन रही है कि नीतीश कुमार बीजेपी की तरह सोच रहे हैं.

पिछले सप्ताह लालू प्रसाद और उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव का नाम भ्रष्टाचार के मामले में उछला था. यदि तेजस्वी अपना पद छोड़ते हैं तो बिहार के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी फिर से वापसी हो सकती है. नीतीश कुमार पर उनके सहयोगियों, जिनमें कांग्रेस भी शामिल है, ने आरोप लगाया है कि नीतीश भाजपा के एजेंडे पर काम कर रहे हैं.

तेजस्वी के खिलाफ सीबीआई में मामला दर्ज होने के बाद नीतीश कुमार ने निजी तौर पर एक तय सीमा में तेजस्वी से अपना रुख साफ करने को कहा था, इस पर लालू प्रसाद ने कोई टीका-टिप्पणी नहीं की थी.

यह भी पढ़ें - नीतीश कुमार ने दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम, अब टीम लालू चल सकती है ये नया दांव : सूत्र

नीतीश कुमार की पार्टी के सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी का स्पष्टीकरण उनको उनके पद से हटाने की मांग को कुछ समय तक टाल सकता है. तेजस्‍वी यादव को कार्यालय से हटा देने की मांग को स्थगित कर सकता है. अगर तेजस्वी इन आरोपों के बीच अपने पद से इस्तीफा देते हैं तो उनका यह कदम सीबीआई समेत अन्य जांच एजेंसियों को अन्य मंत्रियों पर अपनी पकड़ बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा.

लालू यादव ने एनडीटीवी से एक ख़ास मुलाकात में कहा कि बिहार के लोगों ने तेजस्वी को वोट देकर विजयी बनाया है. हमारी पार्टी ने लोगों से मुलाकात कर यह फैसला लिया है कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि तेजस्वी से इस्तीफा मांगने वाले ये लोग कौन होते हैं, न तो इन्हें जनता ने चुना है और न ही तेजस्वी को हटाने की मांग करने के लिए चुना गया है?

उनका आरोप है कि केंद्र सरकार के इशारों पर सीबीआई ने जो उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, उनके पीछे केंद्र सरकार अपने हित साधना चाहती है. एक तो ऐसा करके नरेंद्र मोदी की लगातार आलोचना कर रहे लालू प्रसाद की आवाज दबाना और दूसरा, बिहार के महागठबंधन को खत्म करना चाहती है.

सीबीआई द्वारा दायर मामले में आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद ने एक खास उद्देश्य के तहत पटना में तीन एकड़ जमीन हासिल की थी. यह जमीन उनके बेटे तेजस्वी यादव, उनकी मां राबड़ी देवी और अन्य भाई-बहनों के नाम है. इस जमीन की कीमत इस समय करीब 90 करोड़ रुपये है. इस जमीन का ब्यौरा तेजस्वी ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को नहीं दिया था.

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उल्‍लेखनीय है कि बिहार के मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार ने तेजस्‍वी यादव को खुद को पाक साफ साबित करने के लिए अल्‍टीमेटम दिया है. मंगलवार को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए साफ किया कि वे सहयोगी लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव से क्या चाहते हैं. तेजस्वी यादव बिहार सरकार में नंबर दो की हैसियत रखते हैं.

जदयू के अल्‍टीमेटम के बाद पहली बार अपनी चुप्‍पी तोड़ते हुए राजद नेता और उपमुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी यादव ने बुधवार को कहा था कि मुझ पर एफआईआर राजनीतिक साजिश है. ये महागठबंधन को तोड़ने की कोशिश है. मुझे पिछड़ा होने की सजा दी जा रही है. लालू यादव के परिवार पर छापेमारी के बाद पहली राज्‍य सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में हिस्‍सा लेने पहुंचे तेजस्‍वी यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये 28 साल के नौजवान से डरते हैं और सवालिया लहजे में पूछा कि जिन आरोपों की बात विपक्ष कह रहा है तब उनकी उम्र 13-14 साल की थी. ऐसे में क्‍या 13-14 साल की उम्र में घोटाला करेंगे. उन्‍होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर नहीं झुकेगी और जरूरत पड़ने पर जनता के बीच जाएंगे.

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