एनडीए को हराने के लिए RJD नेता रघुवंश प्रसाद ने दिया सभी दलों के विलय का सुझाव

रघुवंश प्रसाद ने शुक्रवार को दोबारा कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का मुकाबला करने के लिए सभी क्षेत्रीय विपक्षी पार्टियों का महागठबंधन में विलय करना चाहिए. हालांकि, उनकी अपनी ही पार्टी में इस विचार को समर्थन मिलता नहीं दिख रहा है.

एनडीए को हराने के लिए RJD नेता रघुवंश प्रसाद ने दिया सभी दलों के विलय का सुझाव

आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद

खास बातें

  • आरजेडी के वरिष्ठ नेता हैं रघुवंश प्रसाद
  • सभी पार्टियों के विलय की दी सलाह
  • विचार को RJD में ही तवज्जो नहीं
नई दिल्ली:

बिहार में लोकसभा चुनाव के दौरान करारी हार का सामना कर चुके विपक्षी दल आने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए को हराने की रणनीति पर मंथन कर रहे हैं. इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल के वयोवृद्ध नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने सभी विपक्षी दलों का विलय करने का एक बार फिर सुझाव दिया. रघुवंश प्रसाद ने शुक्रवार को दोबारा कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का मुकाबला करने के लिए सभी क्षेत्रीय विपक्षी पार्टियों का महागठबंधन में विलय करना चाहिए. हालांकि, उनकी अपनी ही पार्टी में इस विचार को समर्थन मिलता नहीं दिख रहा है. उल्लेखनीय है कि बिहार में पांच दलों ने महागठबंधन बनाकर लोकसभा चुनाव साथ लड़ा था लेकिन उन्हें केवल एक सीट पर ही जीत मिली. रघुवंश प्रसाद के सुझाव पर प्रतिक्रिया देते हुए महागठबंधन के छोटे घटक हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि यह अच्छा विचार है. अगर आरजेडी और अन्य घटक ‘हम' में विलय करते हैं तो हम उसका स्वागत करेंगे. उल्लेखनीय है कि ‘हम' के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी चेतावनी दे रहे हैं कि अगर महागठबंधन में उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह अलग हो जाएंगे और अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. 

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दूसरी ओर आरजेडी नेता तेजस्वी और तेज इस समय अपनी ही पार्टी और परिवार के संकटों से जूझ रहे हैं. लोकसभा चुनाव से पहले ट्वीटर पर अतिसक्रियता दिखाने वाले तेजस्वी अब पूरी तरह से निष्क्रिय नजर आ रहे हैं.  राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेताओं जैसे रघुवंश प्रसाद सिंह और शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी के पटना से बाहर रहने पर चिंता ज़ाहिर कर चुके हैं. आपको बता दें कि बीते जून के महीने में खबर आई थी कि तेजस्वी करीब एक महीने से पटना से बाहर हैं. वह इस बीच अपने घर पर इफ़्तार हो या मुज़फ़्फ़रपुर में बच्चों की मौत सबसे खुद को दूर रखा.

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आरजेडी सूत्रों की मानें तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव ने फ़ोन कर उन्हें पटना वापस जाने की सलाह भी दी थी. इन सबके बीच सबसे ज़्यादा तनाव में पार्टी के विधायक नज़र आ रहे हैं. उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव के परिणाम के आने के बाद तेजस्वी के रुख की वजह से पार्टी जितना हताश और निराश है उतना तो 2010 के विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी नहीं हुई थी.   

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)