पटना हाईकोर्ट ने आखिर क्यों कहा कि पटना एयरपोर्ट बस स्टैंड की तरह लगता है...

राज्य सरकार के वक़ील का कहना था कि 'बढ़ी जनसंख्या के कारण पटना शहर पर काफ़ी दबाब बढ़ा है. लेकिन इस सुनवाई के दौरान कई बातें सामने आयीं. कई परियोजनाएं विलम्ब से चल रही हैं.'

पटना हाईकोर्ट ने आखिर क्यों कहा कि पटना एयरपोर्ट बस स्टैंड की तरह लगता है...

कोर्ट ने अपने आदेश में एक समन्वय समिति बनाने के लिए कहा (फाइल फोटो)

पटना:

पटना शहर की नारकीय स्थिति को अब पटना हाई कोर्ट सुधारेगी. शहर की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं और ये बात भी अब रहस्य नहीं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने 14 वर्षों के शासन काल में राजधानी पटना के हाल पर जितना ध्यान देना चाहिए था उतना कभी नहीं दिया. इसके बाद शनिवार को पटना उच्‍च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश ए पी शाही और अंजन मिश्रा की खंडपीठ ने राज्य सरकार के अधिकारियों की हर मुद्दे पर फटकार लगायी और एक महीने का समय स्थिति में सुधार के लिए दिया है. शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अतिक्रमण, ट्रैफ़िक जाम, ड्रेनेज और पर्किंग की समस्या पर एक-एक कर अधिकारियों से पूछा.

कोर्ट ने अपने आदेश में एक समन्वय समिति बनाने के लिए कहा जिससे किसी योजना के कार्यान्वयन में कोई बाधा ना हो. और साथ-साथ हर समिति में अधिकारियों के अलावा एक टाउन प्लानर रखने के आदेश भी दिए. कोर्ट ने अधिकारियों को ग़लत तथ्य पेश करने के लिए फटकार भी लगायी.

हालांकि राज्य सरकार के वक़ील का कहना था कि 'बढ़ी जनसंख्या के कारण पटना शहर पर काफ़ी दबाब बढ़ा है. लेकिन इस सुनवाई के दौरान कई बातें सामने आयीं. कई परियोजनाएं विलम्ब से चल रही हैं.' इस पर कोर्ट ने अधिकारियों की ज़िम्मेवारी तय करने के लिए भी कहा. कोर्ट ने राज्य सरकार पर कई टिप्पणीयां कीं. जैसे पटना एयरपोर्ट बस स्टैंड की तरह दिखता है. कोर्ट ने इसके अलावा अतिक्रमण का स्थायी हल खोजने के भी आदेश दिए.

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