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बिहार में बढ़ते शराबबंदी के मामलों से खफा पटना हाईकोर्ट, नीतीश सरकार से मांगा ऐक्शन प्लान

पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने राज्य सरकार से पूछा कि आख़िर दो लाख सात हज़ार शराबबंदी के मामले को वह कैसे निपटाना चाहती है?

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बिहार में बढ़ते शराबबंदी के मामलों से खफा पटना हाईकोर्ट, नीतीश सरकार से मांगा ऐक्शन प्लान

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. बिहार बढ़ते शराबबंदी के मामलों से हाईकोर्ट खफा
  2. नीतीश सरकार से मांगा ऐक्शन प्लान
  3. शराबबंदी से संबंधित 2 लाख से अधिक मामले पेंडिंग
पटना:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की सरकार के लिए शराबबंदी (Liquor Ban) से बड़ी कोई विफलता नहीं है. राज्य में पिछले तीन वर्षों से अधिक समय जब से शराबबंदी लागू हुई है सरकार ने 67 हज़ार लोगों को जेल के अंदर भेजा है. लेकिन पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने राज्य सरकार से पूछा कि आख़िर दो लाख सात हज़ार शराबबंदी के मामले को वह कैसे निपटाना चाहती है? राज्य के मुख्य सचिव को कोर्ट में एक शपथ पत्र में सरकार के जवाब को दायर करना है. बिहार के विभिन्न जिला न्यायालयों में शराबबंदी से संबंधित दो लाख से अधिक मामले पेंडिंग हैं.

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पटना हाईकोर्ट ने इस पर चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा कि इस तुलना में कोर्ट, स्टाफ़ और अन्य सुविधाओं का आभाव होने के कारण अब इनकी सुनवाई असंभव होती जा रही है. कोर्ट ने साफ कहा है कि जो लंबित मामले हैं उनकी संख्या चिंताजनक स्थिति पर आ गई है. ये पहली बार है कि पटना हाईकोर्ट ने ख़ुद राज्य सरकार द्वारा दायर शपथ पत्र के आधार पर इतनी कड़ी टिप्पणी की है. हालांकि राज्य सरकार ने पिछले एक साल में उपचुनाव में हुई हार के आधार पर शराबबंदी से संबंधित मामलों में गिरफ़्तारी में कमी लाई थी.


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सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि मात्र 2629 मामले ही निष्पादित हुए. इसका मतलब राज्य सरकार के वकील सजा दिलाने में फिसड्डी साबित हुए हैं. शराबबंदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक रहा है. हालांकि जिस प्रकार से बिहार पुलिस ने शुरुआती दिनों से ही इसे पैसा कमाने का एक जरिया बनाया उसके बाद यह स्कीम पूरे तरीके से फैल रही है. आज राज्य में हालत ऐसे हैं कि महंगे दामों पर हर व्यक्ति को शराब उसके घर तक आसानी से उपलब्ध हो जा रही है. शराबबंदी के बाद पूरे राज्य में एक समानांतर अर्थव्यवस्था क़ाम कर रही है. इसका पूरा श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जाता है.

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