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बिहार में सियासी मकर संक्रांति, सहयोगियों के घर पहुंचे नीतीश, लालू ने जेल में ही खाया दही-चूड़ा

बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के भोज का खासा महत्व है. पिछले साल लालू प्रसाद के हाथों से दही का तिलक लगवाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सबसे पहले अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के द्वारा आयोजित भोज में शामिल होने के बाद लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान और फिर भाजपा नेताओं के भोज में शामिल हुए.

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बिहार में सियासी मकर संक्रांति, सहयोगियों के घर पहुंचे नीतीश, लालू ने जेल में ही खाया दही-चूड़ा

मकर संक्रांति के मौके पर रामविलास पासवान के साथ नीतीश कुमार

पटना: मकर संक्रांति के मौक़े पर बिहार में चूड़ा-दही खाने की ख़ास परंपरा रही है और इस मौक़े पर आमतौर पर बिहार में नेताओं का ख़ास जमावड़ा होता. इस साल स्थिति बिल्कुल बदली हुई थी. नीतीश कुमार ने कई सालों बाद सुशील मोदी के साथ चूड़ा दही खाया वहीं लालू यादव ने रांची की जेल में.

बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के भोज का खासा महत्व है. पिछले साल लालू प्रसाद के हाथों से दही का तिलक लगवाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सबसे पहले अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के द्वारा आयोजित भोज में शामिल होने के बाद लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान और फिर भाजपा नेताओं के भोज में शामिल हुए.

बिहार में मकर संक्रांति को सियासी संक्रांति के तौर पर भी जाना जाता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तीनों जगहों पर जाकर मकर संक्रांति के मौके पर दही-चुड़ा के भोज के लिए लोगों को बधाई दी. लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने खुद अपने हाथों से सीएम को तिलकुट खिलाया और मकर संक्रांति की बधाई दी. पासवान ने मिडिया से बात करते हुए कहा कि 'नीतीश जी पर हुए हमलों की जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. इस हमले में सभी राजद के लोग हैं और साजिश कर ये हमला करवाया गया है. लालू जी हमारे पुराने साथी रहे हैं मगर, उनका तो अब होली दिवाली भी जेल में ही होगा.'

बिहार में दही - चुड़ा के भोज के जरिए राजनीति अपना अलग महत्व रखती है. खासकर लालू प्रसाद के आवास पर दही - चुड़ा के भोज को लोग सालों याद करते थे. महागठबंधन में रहने के दौरान इस भोज में लालू ने अपने आवास पर नीतीश को दही का तिलक लगाया था और इसकी तस्वीर पूरे देश दुनिया में सुर्खियां बनी थी. आज नीतीश तो सियासी संक्रांति के भोज का आनंद उठा रहे हैं मगर लालू-राबड़ी आवास सूना-सूना है क्योंकि फ़िलहाल लालू प्रसाद जेल में हैं.

VIDEO : बिहार में सियासी दही-चूड़ा


बहरहाल, इस दफे सियासी गलियारे की संक्रांति थोड़ी फीकी पड़ गयी है. सियासी दावतों का दौर बेशक जारी रहा मगर, लालू प्रसाद की कमी शिद्दत से महसूस की गयी. सियासी हलकों में थोड़ी गरमाहट कांग्रेसी नेताओं ने पैदा कर दी. न्योते के कयासों के बीच बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्य्क्ष एमएलसी दिलीप कुमार चौधरी और बक्सर विधायक मुन्ना तिवारी के साथ जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के घर जा पहुंचे. जेडीयू ने मकर संक्रांति के त्योहार को सियासी चश्मे से नहीं देखने की बात कही. मगर कांग्रेसी नेता अशोक चौधरी ने पॉलिटिक्स में पूर्ण विराम नहीं की बात कह कर जेडीयू से अपनी नजदीकियों को हवा दे दी.


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