नीति आयोग की भविष्यवाणी पर प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल, कहा- देश को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार होने के बावजूद...

कोरोना के मामले फिलहाल कम होते नहीं नजर नहीं आ रहे हैं, संक्रमितों की संख्या 86 हजार के करीब पहुंच चुकी है, ऐसे में इस विषय पर अब सियासी गहमा गहमी भी देखने को मिलने लगी है.

नीति आयोग की भविष्यवाणी पर प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल, कहा- देश को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार होने के बावजूद...

प्रशांत किशोर ने नीति आयोग के 23 अप्रैल की भविष्यवाणी को किया याद

पटना:

कोरोना के मामले फिलहाल कम होते नहीं नजर नहीं आ रहे हैं, संक्रमितों की संख्या 86 हजार के करीब पहुंच चुकी है, ऐसे में इस विषय पर अब सियासी गहमा गहमी भी देखने को मिलने लगी है. प्रशांत किशोर ने नीति आयोग की एक भविष्यवाणी का जिक्र करते हुए सवाल खड़े किए हैं. बता दें कि नीति आयोग ने 23 अप्रैल को अनुमान जाहिर किया था कि 16 मई तक देश में कोरोना के मामले शून्य हो जाएंगे. प्रशांत किशोर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक ग्राफ शेयर करते हुए लिखा कि 23 अप्रैल को नीति आयोग ने दावा किया था कि लॉकडाउन की वजह से कोविड-19 का फैलाव कम हुआ है और 16 मई तक मामले शून्य हो जाएंगे. लेकिन लेकिन राष्ट्र को इस तरह गुमराह करने के लिए जिम्मेदार होने के बावजूद वही अधिकारी Covid प्रतिक्रिया टीम का नेतृत्व कर रहे हैं.

ये पहला मौका नहीं है जब प्रशांत किशोर ने कोरोना वायरस के मोर्चे पर केंद्र सरकार का घेराव किया हो. इससे पहले भी वो लगातार पीएम मोदी और केंद्र सरकार को निशाने पर लेते रहे हैं. हाल ही में पीएम मोदी के संबोधन के बाद भी प्रशांत किशोर ने सवाल उठाए थे. उन्होंने पीएम मोदी द्वारा कोविड-19 जैसी महामारी को फायदे में बदलने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा था कि 'या पूरी दुनिया मूर्ख है या हम बाकियों से ज्यादा होशियार हैं कि मान लें कि COVID (कोरोनावायरस) जैसी वैश्विक महामारी; जो दुनिया भर में लोगों की जिंदगी, अर्थव्यवस्था और सामग्री की प्रगति के लिए एक बड़े खतरे के रूप में सामने आई है, हमारे लिए फायदे में बदल सकती है और भारत को दुनिया के शीर्ष पर पहुंचा सकती है.''

Newsbeep

यही नहीं उन्होंने कोरोना को लेकर नीतीश कुमार के रवैये को भी निशाने पर लिया था, उन्होंने लिखा कि करोना संकट के इस दौर में अपने उदासीन और संवेदनहीन नेतृत्व से देश भर को स्तब्ध कर देने वाले नीतीश कुमार के प्रयासों से बिहार करोना टेस्टिंग के मामले में भी देश के सभी राज्यों में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है. बिहार में प्रति दस लाख टेस्टिंग की दर देश 1410 के मुक़ाबले 330 है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


बता दें कि बिहार में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 19 नए मामले आने के साथ प्रदेश में कोविड-19 के मामले बढ़ कर 1,018 हो गये है. एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि एक 26 वर्षीय युवती के संक्रमित होने की पुष्टि के साथ ही पटना जिले में संक्रमण का 100वां मामला सामने आया. गौरतलब है कि बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण से अबतक कुल सात मरीजों (पटना में दो तथा मुंगेर, रोहतास, पूर्वी चंपारण, वैशाली एवं सीतामढ़ी जिले में एक—एक मरीज) की मौत हो चुकी है.