एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या करने वाले आरोपी की दया याचिका राष्ट्रपति ने की खारिज

आरोपी ने बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में 2006 में इस घटना को अंजाम दिया था.

एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या करने वाले आरोपी की दया याचिका राष्ट्रपति ने की खारिज

राष्ट्रपति रामनाथ गोविंद की फाइल फोटो

खास बातें

  • 2006 में आरोपी ने की हत्या
  • निचली अदालत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट भी चुका था आरोपी
  • कोर्ट ने भी राहत देने से किया था इनकार
नई दिल्ली:

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एक ही परिवार के सात लोगों को जिंदा जला कर मारने के मामले में मौत की सजा का सामना कर रहे व्यक्ति की दया याचिका खारिज कर दी है . गौरतलब है कि राष्ट्रपति पद संभालने के बाद कोविंद के पास यह पहली दया याचिका दायर की गयी थी . मालूम हो कि आरोपी ने बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में 2006 में इस घटना को अंजाम दिया था. आरोपी जगत राय ने भैंस चोरी होने के मामले में विजेंद्र महतो और उसके परिवार के छह सदस्यों को जिंदा जला दिया था.

यह भी पढ़ें: जाधव की क्षमा याचिका पर फैसला करने के करीब : पाक सेना

महतो ने सितंबर 2005 में भैंस चोरी होने का एक मामला दर्ज कराया था जिसमें जगत राय के अलावा वजीर राय और अजय राय को आरोपी बनाया था. ये आरोपी (जो अब दोषी हैं) महतो पर मामला वापस लेने का दबाव बना रहे थे. जब महतो ने मामला वापस नहीं लिया तो जगत ने बदला लेने के लिए उसके घर में ही आग लगा दी. घटना के समय घर के सभी सदस्य घर में ही मौजूद थे और इस घटना में सभी सात लोगों की मौत हो गई थी.

यह भी पढ़ें: प्रणब मुखर्जी: एक ऐसे राष्ट्रपति जो अपराधियों के लिए रहे शामत

बाद में राय को इस मामले का दोषी पाया गया और स्थानीय अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई  थी. इसके बाद आरोपी जगत राय ने उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने भी निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी लेकिन दोनों न्यायालय ने उसकी सजा बरकरार रखी . इसके बाद ही राय की दया याचिका राष्ट्रपति सचिवालय भेजी गई. इस मामले में राष्ट्रपति भवन ने एक विज्ञप्ति जारी की. इसके अनुसार राष्ट्रपति ने महतो की दया याचिका 23 अप्रैल 2018 को खारिज कर दी.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

VIDEO: कुलभूषण यादव ने दायर की दया याचिका.

पिछले साल जुलाई में राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहला मौका है जब कोविंद ने किसी दया याचिका पर फैसला किया. राष्ट्रपति सचिवालय में कोई भी अन्य दया याचिका अब लंबित नहीं है. (इनपुट भाषा से)