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बाढ़ से अब तक 127 की मौत : आखिरकार पीएम मोदी को आई बिहार की सुध, सीएम नीतीश से फोन पर जाना हाल

दरअसल इस मुद्दे पर जब विधानसभा सत्र चल रहा था तो विपक्ष ने कई बार यह कह कर सरकार को घेरने की कोशिश की कि आखिरकार क्या बात है कि इस बार ना ही प्रधानमंत्री और न ही कोई केंद्रीय मंत्री बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए राज्य का दौरा कर रहा है और न ही अभी तक क्षति का आकलन करने के लिए कोई केंद्रीय टीम भेजी गई है.

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बाढ़ से अब तक 127 की मौत : आखिरकार पीएम मोदी को आई बिहार की सुध, सीएम नीतीश से फोन पर जाना हाल

बिहार में बाढ़ की वजह से हालात खराब हैं

पटना:

बिहार बाढ़ की समस्या से पिछले तीन हफ़्ते से जूझ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पहली बार इस साल के बाढ़ की समस्या पर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी से बातचीत की. प्रधानमंत्री ने बिहार को अब हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है यह जानकारी उन्होंने सोमवार देर शाम ख़ुद भी ट्वीट कर दी.  दरअसल इस मुद्दे पर जब विधानसभा सत्र चल रहा था तो विपक्ष ने कई बार यह कह कर सरकार को घेरने की कोशिश की कि आखिरकार क्या बात है कि इस बार ना ही प्रधानमंत्री और न ही कोई केंद्रीय मंत्री बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए राज्य का दौरा कर रहा है और न ही अभी तक क्षति का आकलन करने के लिए कोई केंद्रीय टीम भेजी गई है.

बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 13 जिलों के 88 लाख लोग प्रभावित, अब तक 127 की मौत


तभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ख़ुद ही सदन में कहा था कि अभी तक केंद्र से उन्होंने केवल एनडीआरएफ की कंपनियां फ़ूड पैकेट बांटने के लिए हेलीकॉप्टर की सहायता मांगी है. लेकिन टीम का सवाल है तो वो राज्य सरकार की ओर से क्षतिपूर्ति का मेमोरेंडम देने के बाद ही केंद्रीय टीम राज्य का दौरा करेगी. हालांकि नीतीश कुमार भी मौन साध लेते थे कि अब तक प्रधानमंत्री से उनकी बाढ़ की समस्या पर बातचीत हुई है या नहीं. लेकिन सोमवार को प्रधानमंत्री के ट्वीट के बाद से कहा जा रहा है कि इस साल 150 से अधिक लोगों की जान जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाढ़ से जूझ रहे  बिहार की सुध आयी है. हालांकि कई लोगों का यह भी कहना है कि मंगलवार को तीन तलाक बिल राज्यसभा में पेश होना है और सरकार के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है दूसरी ओर उसकी सहयोगी जेडीयू भी इस मुद्दे पर सरकार के साथ नहीं आ रही है. माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने बाढ़ के बहाने फोन कर जेडीयू अध्यक्ष नीतीश को मनाने की कोशिश की है.  

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आपको बता दें कि बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. राज्य में बाढ़ से 13 जिलों में 88 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने यह जानकारी दी.  हालांकि, मृतकों की संख्या में लगातार तीसरे दिन कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई. बाढ़ से अब तक लगभग 127 लोगों की मौतें हुई हैं.    राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक आपदा से 13 जिले प्रभावित हुए हैं. सबसे ज्यादा 37 लोगों की मौत सीतामढ़ी में हई है. वहीं, मधुबनी में 30, अररिया (12), दरभंगा (12), शिवहर (10), पूर्णियां (नौ), किशनगंज (सात),मुजफ्फरपुर (चार), सुपौल (तीन), पूर्वी चंपारण (दो) और सहरसा में एक व्यक्ति की मौत हुई है.    बाढ़ प्रभावित दो जिलों- कटिहार और पश्चिमी चंपारण से अब तक किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है.  आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा है कि राज्य में 13 जिलों की 1,269 पंचायतों के 111 प्रखंडों में 88.46 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. जल संसाधन विभाग के मुताबिक, पांच नदियां - बागमती, बूढी गंडक, कमला बलान, अधवारा और खिरोई नदी राज्य में नौ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. मौसम विभाग के पूर्वानुमान मुताबिक अगले 24 घंटे में बिहार की सभी नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में हल्की से सामान्य बारिश होने की संभावना है.  

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