NDTV Khabar

चारा घोटाला: लालू प्रसाद यादव समेत 16 दोषियों की सजा पर फैसला कल, इस वजह से आज टली सुनवाई

चारा घोटाले के एक मामले सीबीआई की विशेष अदालत ने अब गुरुवार को सुनाएगी लालू प्रसाद यादव की सजा पर फैसला. इस मामले में लालू के साथ अन्‍य दोषियों की सजा पर भी फैसला गुरुवार को आएगा. सीबीआई कोर्ट ने वकील विंदेश्वरि प्रसाद के निधन की वजह से चारा घोटाला मामले में सजा नहीं सुनाई.

157 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
चारा घोटाला: लालू प्रसाद यादव समेत 16 दोषियों की सजा पर फैसला कल, इस वजह से आज टली सुनवाई

रांची की सीबीआई कोर्ट बुधवार चारा घोटाले मामले में सुनाएगी फैसला

खास बातें

  1. वकील विंदेश्वरि प्रसाद के निधन की वजह से सुनवाई टली
  2. तेजस्‍वी यादव के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी
  3. चारा घोटाला मामले में अब गुरुवार को आएगा सीबीआई कोर्ट का फैसला
रांची : चारा घोटाले के एक मामले में CBI की विशेष अदालत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की सजा पर फैसला अब गुरुवार को सुनाएगी. मामले में लालू के साथ अन्‍य दोषियों की सजा पर भी फैसला गुरुवार को ही आएगा. CBI कोर्ट ने वकील विंदेश्वरी प्रसाद के निधन की वजह से बुधवार को सजा नहीं सुनाई. वहीं CBI की विशेष अदालत ने मामले में तेजस्‍वी यादव, रघुवंश प्रसाद सिंह, शिवानंद तिवारी और मनीष तिवारी के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने यह नोटिस अदालत के फैसले के खिलाफ बयान देने पर जारी किया है.

इस मामले में 23 दिसंबर को देवघर कोषागार से अवैध तरीके से पैसे निकालने के मामले में उन्हें दोषी क़रार दिया गया था. रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने इसी मामले में बिहार के एक और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के अलावा बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद और पीएसी के तत्कालीन अध्यक्ष ध्रुव भगत, हार्दिक चंद्र चौधरी, सरस्वती चंद्र और साधना सिंह को बरी कर दिया था.

क्या है चारा घोटाला जिसने बिहार में लालू के एकछत्र राज पर हमेशा के लिए लगा दिया ग्रहण,15 खास बातें

सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू सहित 16 लोगों को अदालत ने दोषी पाया था. इस मामले में दोषी ठहराये गए सभी 16 लोगों को हिरासत में लेकर बिरसा मुंडा जेल भेज दिया गया था.

अदालत ने 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार से 89 लाख़, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मामले में फैसला सुनाया है. अवैध ढंग से धन निकालने के इस मामले में लालू प्रसाद यादव एवं अन्य के खिलाफ सीबीआई ने आपराधिक षड्यन्त्र, गबन, फर्जीवाड़ा, साक्ष्य छिपाने, पद के दुरुपयोग आदि से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120बी, 409, 418, 420, 467, 468, 471, 477 ए, 201, 511 के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(डी) एवं 13(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया था.

चारा घोटाले में दोषी करार दिए जानेे केे बाद लालू ने कहा था, 'ना जोर चलेगा लाठी का, लालू लाल है माटी का'

इस मामले में कुल 38 लोगों को आरोपी बनाया गया था. इनमें से 11 की मौत हो चुकी है, वहीं तीन सीबीआई के गवाह बन गये जबकि दो ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया था जिसके बाद उन्हें 2006-07 में ही सजा सुना दी गयी थी. इसके बाद 22 आरोपी बच गए थे, जिनको लेकर यह फैसला सुनाया गया.

लालू पर कोर्ट के फैसले के बाद सुशील मोदी ने किया था ट्वीट, 'आज चारा, अगला 'लारा'?'

टिप्पणियां
इस मामले में तीन आईएएस अधिकारियों फूलचंद सिंह, बेक जूलियस एवं महेश प्रसाद को भी आरोपी बनाया गया था. फैसला आते ही आरजेडी के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा था कि अवैध निकासी पर जिसने एफआईआर किया है उसी को जेल भेज दिया गया. इसके पीछे पूरी तरह से बीजेपी की साजिश है. हमें पूरी न्यायपालिका पर भरोसा है. इस देश को सिर्फ दो लोग चला रहे हैं. 

VIDEO: राबड़ी देवी ने कहा, लालू जी जल्द ही बाहर आएंगे

इससे पहले चाईबासा कोषागार से 37 करोड़, सत्तर लाख रुपये अवैध ढंग से निकासी करने के चारा घोटाले के एक अन्य मामले में इन सभी को सजा हो चुकी है. करीब 21 साल तक चले इस मामले में इससे पहले कई पूर्व अधिकारियों  को सजा सुनाई जा चुकी है. चारा घोटाला एक ऐसा मामला था जिसकी वजह से लालू के राजनीतिक करियर में ग्रहण लग गया है. हालांकि इस मामले में वह करीब 21 सालों तक कानूनी प्रक्रियाओं का सामना करते रहे और कई बार उनको हिरासत में लिया गया.
 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement