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मुजफ्फरपुर जेल में छापेमारी, ब्रजेश ठाकुर के पास से मिले कागज पर लिखे 40 मोबाइल नंबर

जब जिला अधिकारी और एसएसपी छापा मारने पहुंचे तब ब्रजेश मुलाक़ातियों से मिलने वाले एरिया में दिखे. उनके पास से कई काग़जात जिसमें दो पन्नों में क़रीब चालीस लोगों के नाम और मोबाइल नंबर मिले.

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मुजफ्फरपुर जेल में छापेमारी, ब्रजेश ठाकुर के पास से मिले कागज पर लिखे 40 मोबाइल नंबर

मुजफ्फरपुर बलिका गृह रेप मामले का मुख्‍य आरोपी ब्रजेश ठाकुर (फाइल फोटो)

मुजफ्फरपुर: बिहार में 15 अगस्त के पहले हर साल जेलों में छापेमारी की जाती है. शनिवार को राज्य के हर ज़िला मुख्यालय में जेलों में छापेमारी की गयी. लेकिन इन छापों का सबसे चौंकाने वाला नतीजा मुजफ्फरपुर जेल में छापे में मिला. मुजफ्फरपुर जिला जेल में जब जिला अधिकारी और एसएसपी छापा मारने पहुंचे तब बलिका गृह रेप कांड का मुख्‍य आरोपी ब्रजेश ठाकुर मुलाक़ातियों से मिलने वाले एरिया में दिखे. इसके बाद उनके पास से कई काग़जात जिसमें दो पन्नों में क़रीब चालीस लोगों के नाम और मोबाइल नंबर मिले. इसमें कई प्रभावी लोगों के नाम शामिल हैं जिसमें एक मंत्रीजी के नाम के आगे एक मोबाइल नंबर लिखा था.

हालांकि सभी काग़जात ज़ब्त कर सील कर दिए गए हैं. लेकिन इस छापेमारी के बाद प्रशासन ब्रजेश ठाकुर की बीमारी को बहाना मान रहा है. उम्मीद की जा रही है कि अब मेडिकल बोर्ड का गठन कर उन्हें वार्ड में शिफ़्ट किया जा सकता है. इसके अलावा कुछ और काग़जात मिले हैं जिससे लग रहा है कि वो अपने वकीलों के साथ बैठ कर कैसे लोगों को फंसाना है, इसकी रणनीति बना रहे हैं.

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इस बीच जांच एजेंसी सीबीआई ने शनिवार को ब्रजेश ठाकुर के मुजफ्फरपुर के घर, बाल गृह और प्रेस पर छापेमारी की और उनके बेटे से पूछताछ की. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने सेंट्रल फॉरेसिंक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) के अधिकारियों के साथ मिलकर शनिवार को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बालिका गृह की तलाशी ली, जहां 34 नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म का मामला उजागर हुआ था. मामले की जांच में तेजी लाने के लिए सीएफएसएल की टीम ने वैज्ञानिक सबूत एकत्र किए.

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एक जिला पुलिस अधिकारी ने कहा कि मुजफ्फरपुर कोर्ट में मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर से पूछताछ करने के लिए उसे रिमांड पर लिए जाने का आवेदन करने से पहले टीम ने सीलबंद कमरे खोले और तलाशी ली. अधिकारी ने कहा, "टीमों ने सील किए गए कमरे खोले और मामले में और सबूत इकट्ठा करने के लिए तलाशी ली. टीमों द्वारा की गई सभी जांच गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए वीडियोग्राफी की गई." ठाकुर को नौ अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार करने के बाद बालिका गृह को जिला प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया था. ठाकुर ने मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारागार में केवल पांच दिन बिताए हैं. इस मामले में उसे दो जून को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने कहा, "वह स्वास्थ्य आधार पर जेल के मेडिकल वार्ड में रह रहा है और कैदियों के वार्ड में रहने से बचने में कामयाब रहा." पटना उच्च न्यायालय इस मामले में चल रही सीबीआई जांच पर नजर बनाए हुए है.


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