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स्वतंत्रता दिवस से पहले बिहार के कई जेलों में पड़े छापे, मोबाइल समेत कई चीजें जब्त

टना में जिला मजिस्ट्रेट कुमार रवि और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बेयूर मॉडल सेंट्रल जेल पर छापा मारा.

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स्वतंत्रता दिवस से पहले बिहार के कई जेलों में पड़े छापे, मोबाइल समेत कई चीजें जब्त

बिहार के जेल में कई गई छापेमारी

नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस से पहले बिहार की जेलों में एक साथ छापे मारे गए हैं. इन छापों में जेल परिसर से कई तरह की अवैध चीजें बरामद हुई हैं. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ये छापे स्वतंत्रता दिवस से पहले राज्य गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए निर्देश के आधार पर मारे गए हैं. पटना में जिला मजिस्ट्रेट कुमार रवि और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बेयूर मॉडल सेंट्रल जेल पर छापा मारा. यहां उन्होंने सामान की जांच करने वाली मशीन खराब पाई और जेल के अधीक्षक को तत्काल इसे ठीक कराने को कहा. हालांकि इस जेल के भीतर कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली. मुजफ्फरपुर की जेल में भी छापे मारे गए जहां से मोबाइल फोन, चार्जर, सीम कार्ड, कैंची और पेन ड्राइव सहित 20 ग्राम गांजा जब्त किया गया.

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अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय एस के सिंघल ने बताया कि बिहार के चार रेल पुलिस जिला सहित 44 पुलिस जिलों में छाप मारे गए। इन छापों में 91 मोबाइल फोन, 24 सिम कार्ड, 56 मोबाइल चार्जर, एक पेन ड्राइव, 11 कार्ड रीडर, दो एसडी कार्ड, 13 ईयरफोन, 26 चाकू, सिगरेट के छह पैकेट, 165 ग्राम गांजा और 10 चिलम, 96602 नकद रुपये और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद किया गया. गौरतलब है कि बिहार में 15 अगस्त के पहले हर साल जेलों में छापेमारी की जाती है. शनिवार को राज्य के हर ज़िला मुख्यालय में जेलों में छापेमारी की गयी.

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लेकिन इन छापों का सबसे चौंकाने वाला नतीजा मुजफ्फरपुर जेल में छापे में मिला. मुजफ्फरपुर जिला जेल में जब जिला अधिकारी और एसएसपी छापा मारने पहुंचे तब बलिका गृह रेप कांड का मुख्‍य आरोपी ब्रजेश ठाकुर मुलाक़ातियों से मिलने वाले एरिया में दिखे. इसके बाद उनके पास से कई काग़जात जिसमें दो पन्नों में क़रीब चालीस लोगों के नाम और मोबाइल नंबर मिले. इसमें कई प्रभावी लोगों के नाम शामिल हैं जिसमें एक मंत्रीजी के नाम के आगे एक मोबाइल नंबर लिखा था.हालांकि सभी काग़जात ज़ब्त कर सील कर दिए गए हैं.

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लेकिन इस छापेमारी के बाद प्रशासन ब्रजेश ठाकुर की बीमारी को बहाना मान रहा है. उम्मीद की जा रही है कि अब मेडिकल बोर्ड का गठन कर उन्हें वार्ड में शिफ़्ट किया जा सकता है. इसके अलावा कुछ और काग़जात मिले हैं जिससे लग रहा है कि वो अपने वकीलों के साथ बैठ कर कैसे लोगों को फंसाना है, इसकी रणनीति बना रहे हैं. (इनपुट भाषा से) 


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