प्रमोशन में आरक्षण के मसले पर रामविलास पासवान की इस मांग को नीतीश कुमार का समर्थन

नीतीश ने साथ साथ अपनी इस मुद्दे पर हो रही आलोचना के मद्देनज़र ये भी कहा कि लम्बी परिचर्चा हो लेकिन उन्होंने कहा कि आरक्षण का आधार सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन होना चाहिए ना कि आर्थिक.

प्रमोशन में आरक्षण के मसले पर रामविलास पासवान की इस मांग को नीतीश कुमार का समर्थन

नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

पटना:

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के लिए एक ख़ुशख़बरी हैं. प्रोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनकी मांगों का समर्थन किया है. पासवान ने पटना में रविवार को मांग की थी कि संविधान में संशोधन हो. नीतीश कुमार ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में साफ़ कहा कि केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर पहल करनी चाहिए. ज़रूरत हो तब संसद में भी निजी क्षेत्र में आरक्षण के मुद्दे पर बहस होनी चाहिए. नीतीश के अनुसार, इस मुद्दे पर उनकी पार्टी का जो स्टैंड हैं उससे वह केंद्र सरकार को जल्द अवगत कराएंगे.

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हालांकि बिहार में प्रोन्नति में अनुसूचित जाति और जन जाति के लिए आरक्षण का प्रावधान था लेकिन पटना हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी. इस पर नीतीश कुमार का कहना था कि राज्य में इस सम्बन्ध में नियम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार बनाया गया था लेकिन हाई कोर्ट से रोक लगने के बाद फ़िलहाल इसके ख़िलाफ सर्वोच्च न्यायालय गया है जहां इस पर सुनवाई चल रही है लेकिन इस बीच में अगर केंद्र सरकार इस मामले में व्यवधान दूर करने के लिए कोई पहल करती है तो उनकी पार्टी इसका  स्वागत करेगी.

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निजी क्षेत्र में आरक्षण के मुद्दे पर नीतीश ने कहा कि वह चाहते हैं कि इन सभी मुद्दों पर बहस शुरू हो लेकिन अपने मांग के पीछे उन्होंने समाजवादी नेता डॉक्टर राममनोहर लोहिया का नाम लेते हुए कहा कि लोहियाजी कहा करते थे कि समान अवसर का लाभ उठा पाने में जो तबक़ा अक्षम है, उसको समान अवसर का लाभ प्राप्त करने के लायक बनाने के लिए विशेष अवसर दिया जाना चाहिए. हालांकि नीतीश ने माना कि ये सीमित अवसर हैं ना किअसीमित.

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नीतीश ने साथ साथ अपनी इस मुद्दे पर हो रही आलोचना के मद्देनज़र ये भी कहा कि लम्बी परिचर्चा हो लेकिन उन्होंने कहा कि आरक्षण का आधार सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन होना चाहिए ना कि आर्थिक. आर्थिक रूप से पिछड़ों के लिए उन्होंने कहा कि अन्य सरकारी सुविधा हैं जैसे छात्रवृति या साइकल पोशाक योजना.