NDTV Khabar

लालू यादव की संपत्ति से जुड़े खुलासों पर राजद की सुशील मोदी को चुनौती, ईडी से करा लें जांच

415 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
लालू यादव की संपत्ति से जुड़े खुलासों पर राजद की सुशील मोदी को चुनौती, ईडी से करा लें जांच

खास बातें

  1. 'ये खुलासे का खुलासा है और ये सरे कागजात सार्वजनिक हैं'
  2. शिवानंद तिवारी ने कहा, 'अब इस मामले को उठाने का कोई औचित्य नहीं'
  3. नीतीश कुमार के लिए ये खुलासे निश्चित रूप से मुश्किल बढ़ा सकते हैं
पटना: हर दिन अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव और उनके परिवार द्वारा अर्जित सम्पति के खुलासे से तंग आकर राष्ट्रीय जनता दल ने बीजेपी से कहा है कि वह पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय से करा ले. शनिवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व संसद कांति सिंह द्वारा लालू यादव के बेटों के नाम एक तीन मंजिला मकान गिफ्ट किये जाने के कागजात मीडिया वालों के बीच जारी किये. मोदी का आरोप है कि ये जमीन जनवरी 2005 में भेंट स्‍वरूप दी गई और अगले महीने विधानसभा चुनाव में कांति सिंह के पति केशव सिंह (अब स्वर्गीय) को पीरो से टिकट दिया गया और वो चुनाव हार गए. हालांकि कांति सिंह ने शुक्रवार को मीडिया के सामने ये दवा किया था कि जो भी गिफ्ट या जमीन उन्होंने लीज पर दी वो स्वेच्‍छा से दी थी. लेकिन मोदी के आरोपों के अनुसार लालू यादव ने पहली बार 1996 में जब उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कराया या 2005 में, महंगे मकान का गिफ्ट लेने के बाद ही टिकट दिया या फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करवाया.

कांति सिंह देवेगौड़ा और मनमोहन सिंह दोनों के मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री रही हैं. हालांकि सुशील मोदी के संवादाता सम्मलेन के तुरंत बाद राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता मनोज झा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये खुलासे का खुलासा है और ये सरे कागजात सार्वजनिक हैं. मोदी को मनोज झा ने चुनौती देते हुए कहा कि केंद्र में उनकी सरकार है, तब प्रवर्तन निदेशालय से जांच करने में देर क्यों कर रहे हैं. मनोज झा ने मोदी के संबंधियों द्वारा किये गए कथित घोटाले को हर्षद मेहता घोटाले की याद दिलाने वाला बताया.

राष्ट्रीय जनता दल की तरफ से पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी भी मीडिया वालों से रूबरू हुए और कहा कि भले 2008 में उन्होंने ललन सिंह जो कि अब नीतीश मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री हैं, के साथ लालू यादव के सम्पति का मामला उठाया हो, लेकिन अब इसे उठाने का कोई औचित्य नहीं है. वहीं मोदी ने तिवारी के एक पुराने बयान को मीडिया वालों के सामने पढ़ कर सुना दिया कि अगर लालू यादव के हाथ में देश की बागडोर हो तब वो देश को भी बेच सकते हैं.

इस बीच मोदी ने पूरे सम्पति विवाद के सार्वजनिक होने से राजद की बढ़ती मुश्किलों के मद्देनजर शनिवार को घोषणा कर दी कि अगले एक महीने के दौरान ये सम्पति के खुलासे पर संवादाता सम्मेलन जारी रखेंगे. राष्ट्रीय जनता दल के नेता भी मानते हैं कि जहां तक सम्पति लिखवाने या गिफ्ट में माकन या जमीन लेने का प्रश्न है, ऐसे करीब दो दर्जन नेता हैं जिन्होंने पिछले 20 वर्षों के दौरान टिकट या मंत्री बनने के बदले ये काम किया. लेकिन राजद के नेता फ़िलहाल ये मानने के लिए तैयार नहीं कि हर दिन होने वाले इस खुलासे से फ़िलहाल कोई राजनैतिक नुकसान होगा. लेकिन बीजेपी का दावा है कि लालू यादव भले इस मुद्दे पर कोई तर्क दे दें, लेकिन बेनामी सम्पति के मुद्दे पर पूरे देश में करवाई की मांग करने वाले महागठबंधन के नेता नीतीश कुमार के लिए ये खुलासे निश्चित रूप से मुश्किल बढ़ा सकते हैं.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement