NDTV Khabar

राजद नेता शिवानंद तिवारी ने साधा नीतीश पर निशाना, कहा - पीएम मोदी की बैठक में करेंगे बोलने का इंतजार

नीतीश ने गठबंधन से अलग होने का फैसला क्यों लिया, यह बता पाना कठिन

2K Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
राजद नेता शिवानंद तिवारी ने साधा नीतीश पर निशाना, कहा - पीएम मोदी की बैठक में करेंगे बोलने का इंतजार

शिवानंद ने कहा कि नीतीश आने वाले समय में एनडीए में शामिल होने के अपने फैसले पर शर्मिंदा होंगे..

खास बातें

  1. तिवारी बोले - एनडीए में शामिल होने का नीतीश का फ़ैसला प्रत्याशित था
  2. कहा - महागठबंधन से अलग होने के बाद कोई दूसरा विकल्प नहीं था
  3. कहा - मुझे यक़ीन है नीतीश रहेंगे अपने फैसले पर भविष्य में शर्मिंदा होंगे
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जदयू के ‘‘धड़े’’ ने शनिवार को एक बार फिर से राजग का हिस्सा बनने का निर्णय किया. जदयू ने चार वर्ष बाद भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में वापसी का फैसला किया. राजग में वापसी का निर्णय यहां जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर किया गया. जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता कुमार ने की जो पार्टी के अध्यक्ष भी हैं.

उधर, राजद नेता शिवानंद तिवारी में नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा. फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिये उन्होंने लिखा, "एनडीए में शामिल होने का नीतीश कुमार का फ़ैसला प्रत्याशित था. महागठबंधन से अलग होने के बाद इसके अलावा कोई दूसरा क़दम उनका हो भी नहीं सकता था. आज के दिन उनकी सरकार पर कोई ख़तरा भी नहीं दिखाई दे रहा है. देश की राजनीति में विशिष्ट स्थान रखने वाले नीतीश कुमार अब एनडीए और भाजपा के अन्य मुखमंत्रियों की क़तार में शामिल हो गए."

पढ़ें: शिवानंद तिवारी का तंज, नीतीश कुमार को पहचानने में बड़ी भूल हो गई

तिवारी ने तंज कसते हुए लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वैकल्पिक चेहरा अब उनके द्वारा बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की बैठकों में बोलने के लिए अपनी बारी का इंतज़ार करेगा. नीतीश ने गठबंधन से अलग होने का फैसला क्यों लिया, यह बता पाना कठिन है. लेकिन इसका कारण लालू परिवार पर भ्रष्टाचार का आरोप तो नहीं हो सकता है. गठबंधन बनने के पूर्व लालू सजायाफ्ता हो चुके थे. जो भी हो पंद्रह-बीस वर्ष बाद ही आज के काल का इतिहास लिखा जाएगा. मुझे यक़ीन है कि उसको पढ़ने के लिए नीतीश रहेंगे. तब शायद उनको अपना यह फ़ैसला शर्मिंदा करेगा."

पढ़ें: नीतीश कुमार ने शरद यादव को दी खुली चुनौती, 'हिम्मत है तो जेडीयू को तोड़ लें'

VIDEO: नीतीश अवसरवादी राजनीति कर रहे हैं : शिवानंद तिवारी


जदयू के लोकसभा में दो सांसद और राज्यसभा में 10 सदस्य हैं. लोकसभा में पार्टी के दोनों सांसद कुमार के साथ हैं जबकि तीन राज्यसभा सदस्य शरद यादव, अली अनवर अंसारी और केरल के एमपी वीरेंद्र कुमार उनके खिलाफ हैं. जदयू के सत्ताधारी राजग में शामिल होने का निर्णय करने से पहले गठबंधन में 32 पार्टियां थीं.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement