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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड की गवाह समेत लापता सात लड़कियों में से पुलिस ने छह को ढूंढ़ निकाला

पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले में केस दर्ज करने के साथ जांच शुरू कर दी है. पुलिस के अनुसार इन लड़कियों को लेकर उनके साथियों से भी पूछताछ की जा रही है.

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खास बातें

  1. मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड की गवाह लड़कियां लापता
  2. मोकामा के शेल्टर होम से गायब हुईं लड़कियां
  3. पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
पटना:

बिहार के शेल्टर होम से सात लड़कियों के लापता होने की खबर है. पुलिस के अनुसार घटना मोकामा स्थित एक शेल्टर होम की है. खास बात यह है कि गायब हुई लड़कियों में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड से जुड़ी पांच लड़कियां भी हैं. सभी पांच लड़कियां ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ गवाह हैं. पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले में केस दर्ज करने के साथ जांच शुरू कर दी है. पुलिस के अनुसार इन लड़कियों को लेकर उनके साथियों से भी पूछताछ की जा रही है. अभी तक मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने लापता हुई सात में छह लड़कियों को ढूंढ़ निकाला है. जबकि एक अन्य की तलाश जारी है.

 


बता दें कि मुज्जफरपुर शेल्टर होम कांड को लेकर नीतीश सरकार पर विपक्ष ने हमला भी तेज कर दिया था. कुछ दिन पहले ही नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi yadav) ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर निशाना साधा था. तेजस्वी ने कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर बलात्कार कांड (Muzaffarpur Shelter Home Case) में स्पष्ट और सीधे रूप से संलिप्त है क्योंकि इन्होंने TISS की रिपोर्ट आने के दो महीनों तक ब्रजेश ठाकुर पर FIR नहीं होने दी. उसे जेल नहीं भेजा.

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दबाव में भेजा तो जेल में मोबाइल समेत तमाम सुविधाएं दी गईं. बच्चियों को गायब किया गया. साथ ही यादव ने कहा कि मामला सामने आने पर नीतीश कुमार ने एकदम सिरे से हमारी CBI जांच की मांग को खारिज कर दिया. उन्हें CBI जांच का डर क्यों था? तेजस्वी ने कहा था कि जब हमने मुजफ्फरपुर बालिका गृह का दौरा कर वहां बच्चियों के साथ किए गए डरावने और अमानवीय कृत्यों को पब्लिक डोमेन में रखा तब जाकर दबाव मे केस सीबीआई को सौंपा गया. नीतीश कुमार तो छाती पीट-पीटकर तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को निर्दोष बता रहे थे. लेकिन जब कांड का कच्चा चिट्ठा खुला और मीडिया में ब्रजेश ठाकुर की सीडीआर डिटेल्स में मिलीभगत का पर्दाफाश होने और विपक्ष व जनदबाव के कारण मंजू वर्मा का इस्तीफा लेना पड़ा. CM उसे क्यों बचा रहे थे?.'

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एक साथ कई ट्वीट करते हुए तेजस्वी ने लिखा है, 'मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर से जेल में चर्चित डायरी बरामद हुई थी जिसमें 'पटना वाले बड़े सर' का ज़िक्र था? क्या CBI ने खोज लिया था वह 'पटना वाला बड़ा सर' कौन है? क्या CBI जांच की आंच उस 'बड़े सर' के पास पहुंच गयी थी, जिसके चलते आनन-फानन में CBI अधिकारी का तबादला किया गया था? CBI अधिकारी का तबादला नहीं करने के कोर्ट के आदेश के विपरीत जाकर, कोर्ट की अवमानना कर CBI निदेशक ने तत्कालीन जांच अधिकारी एसपी का बिना कारण बताए अचानक तबादला क्या इसलिए किया गया था ताकि वो 'पटना वाले बड़े साहब' को बचा सके? ऐसा क्यों किया गया?'

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तेजस्वी ने पूछा था कि आप बताइये क्या यह मामला संदेहास्पद नहीं है? क्योंकि सीबीआई निदेशक स्तर का अधिकारी 'किसी बड़े व्यक्ति' को बचाने के लिए ही कोर्ट की अवमानना करने का जोखिम उठायेगा? बाद में उस CBI अधिकारी को कोर्ट की अवमानना का दोषी क़रार कर माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने जुर्माने के साथ सजा भी दी? CM नीतीश ने केस में सीबीआई जांच में सबूत जुटा सहयोग करने वाली तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर को सम्मानित करने की बजाय उनका तबादला क्यों किया? वो केस से संबंधित सभी जानकारियां जुटा रही थीं तो क्यों उन्हें मुजफ्फरपुर से आनन-फानन में हटाया क्यों? मुख्यमंत्री जवाब दें?'



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