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बिहार में 'एक अधिकारी' के तबादले को लेकर शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार पर लगाये गंभीर आरोप

राष्ट्रीय जनता दल ने बिहार में अधिकारियों के तबादले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला है. राजद ने नीतीश कुमार पर अपने एक मंत्री के दबाव में आकर एक 'विवादास्पद अधिकारी' को नियुक्त करने का आरोप लगाया है.

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बिहार में 'एक अधिकारी' के तबादले को लेकर शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार पर लगाये गंभीर आरोप

शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार पर लगाया औरोप (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

राष्ट्रीय जनता दल ने बिहार में अधिकारियों के तबादले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला है. राजद ने नीतीश कुमार पर अपने एक मंत्री के दबाव में आकर एक 'विवादास्पद अधिकारी' को नियुक्त करने का आरोप लगाया है. राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी का कहना है कि अपनी ज़रूरत के अनुसार पदाधिकारियों का स्थानांतरण और पदस्थापन सरकार का अधिकार है, मगर इसके लिए कुछ नियम, क़ायदे, और परंपरायें बनी हुई हैं. सरकारों से अपेक्षा रहती है कि जब वे पदाधिकारियों का स्थानांतरण या पदस्थापन करें तो इनका ध्यान रखा करें. अगर ऐसा नहीं होता है तो सरकार पर ऊंगली उठने लगती है और उनके नियत पर शक-शुबहा होने लगता है.

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शिवानंद तिवारी ने एक बयान में कहा कि 'नीतीश कुमार ने ऐसा ही एक काम किया है जिससे उस पर ऊंगली उठ रही है. लोग सरकार की नियत पर संदेह कर रहे हैं. विकास आयुक्त के पद पर रहे एक पदाधिकारी का स्थानांतरण जल संसाधन विभाग के सचिव के पद पर किया गया है. पिछले 31 अक्तूबर को ही जल संसाधन विभाग से बदलकर उनको विकास आयुक्त बनाया गया था. बहुत साफ़-सुथरी छवि वाले पदाधिकारियों में इनकी गिनती नहीं होती है. नीतीश जी के मित्र और झारखंड सरकार के मंत्री सरयू राय ने एक पत्र लिख कर उक्त पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाया था.'

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शिवानंद के अनुसार, 'सबसे बड़ी बात है कि विकास आयुक्त के पद पर पदस्थापित पदाधिकारी या तो वहीं से रिटायर हुए हैं या मुख्य सचिव बनाए गए हैं. अभी हाल में शिशिर कुमार और नेगी ने विकास आयुक्त के पद से ही अवकास ग्रहण किया है. इसलिए विकास आयुक्त के पद से पुनः उसी पद पर वापसी का क्या रहस्य है! अगर नीतीश कुमार के खाशम-ख़ास मंत्री को इसी पदाधिकारी के साथ संगत बैठी हुई थी, तो उनको वहां से हटाया क्यों गया था. चाहे जो हो, जल संसाधन मंत्री की इच्छा पुरी करने की लालसा में नीतीश जी ने अपने ऊपर सार्वजनिक रूप से कालिख पोत ली है.'

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दरअसल शिवानंद तिवारी, अरुण सिंह नाम के एक वरिष्ठ अधिकारी को एक बार फिर जलसंसाधन विभाग में नियुक्त करने पर सवाल कर रहे हैं. माना जाता है कि अरुण, विभाग के मंत्री ललन सिंह के मनपसंद हैं और नीतीश अरुण सिंह के विकास आयुक्त के काम काज से असंतुष्ट चल रहे थे, उसके बावजूद अब जनता दल के नेताओं का मानना हैं कि वापस लालन सिंह के दबाव में आकर त्रिपुरारी शरण जैसे ईमानदार अधिकारी को कुछ महीने में विभाग से चलता कर नीतीश ने राजनीति और सरकार में अपनी कमज़ोरियों के बारे में ही लोगों को अंगुली उठाने का मौक़ा दिया है.

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