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चुनाव आते ही जाति सम्मेलन, घंटी बजते ही नीतीश जी को कुशवाहा समाज याद आया: शिवानंद तिवारी

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि चुनाव सबकी याद दिला देता है. चुनाव की घंटी बज चुकी है. घंटी बजते ही नीतीश जी को कुशवाहा समाज याद आया.

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चुनाव आते ही जाति सम्मेलन, घंटी बजते ही नीतीश जी को कुशवाहा समाज याद आया: शिवानंद तिवारी

राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी. (फाइल फोटो)

पटना:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कुशवाहा जाति के नेताओं के साथ अपनी पार्टी की बैठक बुलाई. इस पर विरोधी राजद नेता जमकर हल्ला बोल रहे हैं. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि चुनाव सबकी याद दिला देता है. चुनाव की घंटी बज चुकी है. घंटी बजते ही नीतीश जी को कुशवाहा समाज याद आया. खोज-खोज कर राज्य भर के कुशवाहा समाज के लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने और अपना जीवन धन्य करने का न्योता दिया गया. ख़बरों के मुताबिक़ देश के सबसे व्यस्त मुख्यमंत्री ने कुशवाहा समाज को पांच घंटा समय दिया!

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शिवानंद तिवारी के अनुसार जिस नीतीश कुमार ने इस समाज के मंजू वर्मा से ब्रजेश ठाकुर प्रकरण में इस्तीफ़ा लेने में देरी नहीं दिखायी, जबकि मंजू वर्मा ने आरोप लगाया था कि नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा से भी ठाकुर क़रीब रहे हैं. लेकिन उनके ख़िलाफ़ कोई कारवाई नहीं की. शिवानंद के अनुसार याद दिलाया गया कि हमलोग तो सहोदर हैं. लव-कुश की जोड़ी तो ऊपर से ही बन कर आई है. कुछ लोग इस जोड़ी को तोड़ने की जोगाड़ भीड़ा रहे हैं. उनको सफल नहीं होने देना है. उसके बाद आश्वासनों की बारिश हुई. सब सराबोर हो गए. सरकार और संगठन से आयोग तक में हिस्सेदारी मिलेगी. यह कहा गया. पता नहीं उस बैठक में किसी ने यह सवाल उठाया या नहीं कि भाई सबकुछ तो ठीक है, लेकिन यह बताइए कुश समाज को अब तक मिला क्या है!

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विधान सभा में नेता-उप नेता या सचेतक आदि में कुश तो कहीं नज़र नहीं आ रहा है. सारी जगह तो एक ही भाई के क़ब्ज़े में है. और तो और पार्टी में भी नीतीश जी ने अपने बाद सबसे ताक़तवर जगह पर लव को ही बैठा दिया है. सब बातों को भूला भी दिया जाए तो क्या कभी नीतीश जी के दरबार में या उनके अग़ल-बग़ल कुश समाज का शिवानंद के अनुसार कोई विधायक या सांसद ग़लती से भी बैठा दिखाई देता है! कभी कुश समाज के किसी विधायक या नेता की तस्वीर नीतीश जी के बग़ल मे दिखती है ? ऐसे में कुशवाहा समाज को आगे देने के लिए नीतीश जी के पास झुनझुना के अलावा बचा क्या है! इसलिए कुशवाहा समाज के लिए नीतीश जी का यही संदेश है. मेरे साथ रहिए और झुनझुना बजाइए.



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